भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत तीसरी ‘एनर्जी ट्रांजिशन वर्किंग ग्रुप मीटिंग (ETWG)’ आज मुंबई में संपन्न हुई। इस तीन दिवसीय बैठक में जी-20 सदस्य देशों, विशेष आमंत्रित देशों और विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक (एडीबी), विश्व आर्थिक मंच, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी), क्लीन एनर्जी मिनिस्ट्रीयल (सीईएम), अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए), पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन (ओपीईसी), आसियान और पूर्वी एशिया के लिए आर्थिक अनुसंधान संस्थान (ईआरआईए), अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए), अंतर्राष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा एजेंसी (आईआरईएलए), सस्टेनेबन एनर्जी फॉर ऑल, एशिया और प्रशांत हेतु संयुक्त राष्ट्र का आर्थिक और सामाजिक आयोग (यूएन-एस्केप), संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय विकास संगठन (यूएनआईडीओ) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी देखी गई।
तीसरी ईटीडब्ल्यूजी बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के सचिव आलोक कुमार और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव और ईटीडब्ल्यूजी अध्यक्ष भूपिंदर सिंह भल्ला ने की। खान मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज भी बैठक और विचार-विमर्श का हिस्सा थे।
इस बैठक का प्राथमिक एजेंडा मंत्रिस्तरीय विज्ञप्ति के मसौदे पर विस्तृत चर्चा करना और इसमें प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर सार्थक चर्चा और विचार-विमर्श शामिल था। सदस्य देशों ने अपने-अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत एनर्जी ट्रांजिशन के क्षेत्रों में प्रस्तावों पर सहमति बनी है। सबसे खास बात यह कि इस दौरान सभी के लिए आधुनिक और टिकाऊ ऊर्जा तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए उच्च प्राथमिकता देने पर आम सहमति बनी है।
तीन दिनों की इस बैठक में आठ साइड इवेंट्स संपन्न हुए। साइड इवेंट्स में विभिन्न हितधारकों – नीति निर्माताओं, बहुपक्षीय संगठनों, वित्तीय संस्थानों, व्यापारिक संगठनों और विषय विशेषज्ञों की भागीदारी देखी गई।
1. कम लागत वाले अंतर्राष्ट्रीय वित्त जुटाने के उद्देश्य से बहुपक्षीय विकास बैंकों (एमडीबी) के साथ कार्यशाला- देशों को फाइनेंस तक पहुंच प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करने पर चर्चा हुई, जो बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन, ऑफशोर विंड, बायोएनेर्जी और कार्बन कैप्चर उपयोगिता जैसी महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों के विस्तार और कार्यान्वयन को सक्षम करेगी।
2. जस्ट ट्रांजिशन रोडमैप पर सेमिनार- सेमिनार में मुख्य रूप से कोयले पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं में कोयला क्षेत्र में जस्ट ट्रांजिशन में आने वाली चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया। चर्चाओं में विभिन्न देशों से विभिन्न पहलुओं पर लिए गए सबक शामिल थे, जैसे कि संस्थागत गर्वनेंस, भूमि और अवसंरचनात्मक संपत्ति का पुनरुत्पादन आदि। साथ ही दुनिया भर में की गई सफल पहलों के ज्ञान को साझा करने और सहयोग के माध्यम से तकनीकी और वित्तीय सहायता की सुविधा पर चर्चा भी शामिल थी।
3. जैव ईंधन पर सेमिनार- सेमिनार ने वैश्विक जैव ईंधन (बायोफ्यूल) एलायंस बनाने सहित जैव ईंधन में सहयोग और प्रगति पर सहयोग को मजबूत करने के माध्यम से नई तकनीकों सहित जैव ईंधन के विकास और तैनाती में तेजी लाने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया।
4. ऑफ-शोर विंड पर सेमिनार- “हार्नेसिंग ऑफशोर विंड फॉर एक्सीलेरेटिंग एनर्जी ट्रांजिशन: द वे फॉरवर्ड” नामक इस कार्यक्रम ने भारत और विश्व स्तर पर ऑफशोर विंड पर प्रगति को बढ़ावा देने के लिए समग्र ज्ञान और सर्वोत्तम प्रथाओं के लिए एक मंच प्रदान किया।
5. ‘हार्ड टू एबेट सेक्टर्स’ को डीकार्बोनाइज करने के लिए वैश्विक नीतियों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया- इस साइड इवेंट का उद्देश्य इंडस्ट्री ट्रांजिशन के चुनौतीपूर्ण पहलुओं को समझना था। इसने विभिन्न मुद्दों जैसे पॉलिसी अलाइनमेंट और पॉलिस फॉर्म्युलेशन, प्रौद्योगिकी सहयोग, वित्त जुटाना, क्षमता और कौशल विकास, और औद्योगिक डीकार्बनाइजेशन के संबंधित पहलुओं को समझने की कोशिश की।
6. क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन के लिए एसएमआर पर सेमिनार- ये सेमिनार उद्योग, नीति निर्माताओं, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, निजी क्षेत्र की कंपनियों, नियामक निकायों और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के विभिन्न हितधारकों को एसएमआर (स्मॉल मॉड्यूल रिएक्टर्स) के विकास और डिप्लॉयमेंट के संबंध में प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ लाया।
7. जी-20 ईटीडब्ल्यूजी और बी-20 के एनर्जी ट्रांज़िशन पाथवे में आपसी तालमेल, भारत उद्योग परिप्रेक्ष्य – इसका उद्देश्य जी-20 के माध्यम से उच्च-स्तरीय प्रतिबद्धताओं का आदान-प्रदान करना और बी-20 जैसे मंचों से व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी लाना था। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के साथ साझेदारी में बी-20 भारत के लिए नामित सचिवालय के रूप में किया गया था।
8. ऊर्जा दक्षता में तेजी लाना और एक एनर्जी एफिशियंट जीवन को बढ़ावा देना- यह कार्यक्रम मिशन एफिशियंसी के भागीदारों, प्रमुख ऊर्जा दक्षता हितधारकों और देश के प्रतिनिधियों को फोकस बढ़ाने और ऊर्जा दक्षता पर महत्वाकांक्षी कार्यों को गति प्रदान करने के लिए एक साथ लाया। जी-20 प्रक्रियाओं समेत भारत के ऊर्जा कुशल व्यवहार और जीवन शैली नेतृत्व को लाइफ अभियान (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) के माध्यम से दुनिया के सामने प्रदर्शित किया गया।
मंत्रिस्तरीय विज्ञप्ति के मसौदे पर चर्चा और प्रगति को 19-20 जुलाई 2023 को गोवा में होने वाली चौथी एनर्जी ट्रांज़िशन वर्किंग ग्रुप मीटिंग में आगे बढ़ाया जाएगा।
सियासी गलियारों में फिर चर्चा में मीनाक्षी नटराजन कांग्रेस की वरिष्ठ नेता Meenakshi Natarajan एक… Read More
करोड़ों की चोरी से मचा हड़कंप एक बड़े चोरी के मामले ने लोगों को हैरान… Read More
वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को लेकर तेज हुई बहस भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव… Read More
Bangladesh vs Australia सीरीज को लेकर बढ़ा उत्साह Bangladesh vs Australia मुकाबले को लेकर क्रिकेट… Read More
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना क्या है? प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक… Read More
Portugal vs Chile मैच में छाए Cristiano Ronaldo Portugal vs Chile मुकाबले ने फुटबॉल फैंस… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment