ग्रामीण विकास मंत्रालय के अपर सचिव चरणजीत सिंह ने कल नई दिल्ली में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) पर साझेदारों की बैठक को संबोधित किया। अपने संबोधन में चरणजीत सिंह ने खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य और वॉश कार्यक्रम (एफएनएचडब्ल्यू) लक्ष्यों को प्राप्त करने में साझेदारी की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समुदाय में कई नवाचार हैं जो आजीविका के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों के स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति पर असर डाल सकते हैं, जिनका पता लगाने की आवश्यकता है। चरणजीत सिंह ने डीएवाई-एनआरएलएम के लिए एफएनएचडब्ल्यू लोगो “संगठन, स्वास्थ्य, समृद्धि” का भी अनावरण किया।
डीएवाई-एनआरएलएम में एफएनएचडब्ल्यू एकीकरण की आवश्यकता के लिए संदर्भ निर्धारित करते हुए, ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव (ग्रामीण आजीविका) स्मृति शरण ने महिलाओं के नेतृत्व और महिलाओं के स्वामित्व वाले संस्थानों की सामर्थ्य के बारे में बताया और सरकारी दृष्टिकोण पर जोर देते हुए किफायती उपायों के साथ अंतिम छोर तक पहुंच बढ़ाने के लिए साझेदारों को आमंत्रित किया। उन्होंने यह भी कहा कि साझेदारी असर को बढ़ाने में सरकार की मदद कर सकती है।
भारत सरकार के एक प्रमुख कार्यक्रम दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने ग्रामीण परिवारों में एफएनएचडब्ल्यू परिणामों को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ साझेदारी की संभावनाओं को तलाशने के लिए एक साझेदारों की बैठक का आयोजन किया।
इस बैठक का विशिष्ट उद्देश्य डीएवाई-एनआरएलएम के तहत देश भर में महिला समूहों द्वारा एफएनएचडब्ल्यू के बारे में ग्रामीण समुदायों के बीच जागरूकता बढ़ाने, स्वस्थ व्यवहार अपनाने को बढ़ावा देने और अधिकारों व सेवाओं तक पहुंच में सुधार लाने के लिए किए जा रहे बड़े प्रयासों से मिली सीख को साझा करना था। यह बैठक उपयोगी रणनीति दस्तावेज स्थापित करने के लिए एक रोडमैप का मसौदा तैयार करने, नवाचारों एवं अनुसंधान के लिए जारी प्रयासों और विचारों का समर्थन करने के लिए साझेदारों के साथ सहयोग के लिए परामर्श की श्रृंखला में पहली बैठक है।
इस दिन छत्तीसगढ़ से भागीदारी देखने को मिली, जहां राज्य मिशन निदेशक, राज्य प्रबंध निदेशक पद्मिनी साहू ने एफएनएचडब्ल्यू प्रयासों, समन्वित अवसरों पर एसआरएलएम के परिप्रेक्ष्य पर प्रकाश डाला और प्रभावी साझेदारी के महत्व को रेखांकित किया। मौजूदा साझेदार अर्थात बीएमजीएफ, पीसीआई इंडिया और यूनिसेफ ने डीएवाई एनआरएलएम के साथ सहयोग पर अपने अनुभव साझा किए और बताया कि पिछले कुछ वर्षों में एफएनएचडब्ल्यू उपाय कैसे विकसित हुए हैं। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध कॉर्पोरेट और सीएसआर प्रमुखों का एक पैनल भी था, जिन्होंने स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए डीएवाई-एनआरएलएम मंच की संभावना और इसे आगे बढ़ाने के लिए सहयोगात्मक यात्रा पर अपने विचार साझा किए।
यह साझेदारों की बैठकों डीएवाई-एनआरएलएम के दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है जो आजीविका सृजन के साथ एफएनएचडब्ल्यू को प्राथमिकता देने के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देकर और एफएनएचडब्ल्यू प्रयासों को बढ़ाकर, डीएवाई-एनआरएलएम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना, गरीबी के चक्र को तोड़ना तथा पूरे भारत में सशक्त समुदायों का निर्माण करना है।
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