जर्मनी ने प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए त्रिस्तरीय आपात योजना के दूसरे चरण में पहुंचने की घोषणा की और चेतावनी है कि रूस की तरफ से कम होती आपूर्ति के चलते सर्दी के लिये भंडारण लक्ष्यों को लेकर खतरा पैदा हो गया है।
सरकार ने कहा कि 14 जून से रूस की ओर से आपूर्ति में कटौती और बाजार में गैस के दामों में उछाल के चलते उसे ‘चिंताजनक’ स्तर की चेतावनी जारी करनी पड़ी है। तीसरा और अंतिम चरण ‘आपात’ स्तर कहा जाएगा।
सरकार ने कहा कि फिलहाल गैस भंडारण केंद्रों की क्षमता 58 प्रतिशत है, जो बीते साल के इस समय की तुलना में अधिक है। लेकिन यदि आगे कदम नहीं उठाए गए तो दिसंबर तक 90 प्रतिशत क्षमता हासिल करने का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।
आर्थिक मामलों के मंत्री रॉबर्ट हेबेक ने एक बयान में कहा कि हालात गंभीर हैं और सर्दी भी आएगी।
उन्होंने कहा, ‘गैस आपूर्ति में कटौती (रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर) पुतिन का हम पर आर्थिक हमला है। हम इससे खुद की रक्षा करेंगे। लेकिन देश को पथरीले रास्ते पर चलना पड़ेगा।’
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