गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने आज दण्ड प्रक्रिया पहचान विधेयक 2022 लोकसभा में पेश किया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य अभियोजन तथा अदालती दोषसिद्धि में वृद्धि करना और संवैधानिक व्यवस्था तथा मानवाधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि इस बारे में मौजूदा प्रावधान लगभग एक सौ वर्ष से अधिक पुराने हैं। कांग्रेस के सदस्य मनीष तिवारी तथा अधीर रंजन चौधरी, आरएसपी के एन.के. प्रेम चन्द्रन, बहुजन समाज पार्टी के रितेश पांडेय और तृणमूल कांग्रेस पार्टी के सौगत रॉय ने विधेयक का विरोध किया।
सौगत रॉय ने कहा कि यह कानून बनने से मौलिक मानवाधिकारों और संविधान की व्यवस्था का उल्लंघन होगा। मनीष तिवारी ने आग्रह किया कि इस पर विचार किया जाना चाहिए कि क्या सरकार को मौलिक अधिकारों का हनन करने वाला इस प्रकार का कानून बनाने का अधिकार है।
इसके बाद विधेयक पर मतविभाजन में इसके पक्ष में एक सौ 20 और विरोध में 58 वोट पडे।
एनआईसीडीसी लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड (NLDSL) और महाराष्ट्र सरकार ने एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म का… Read More
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संविधान में परिसीमन के प्रावधान किए गए हैं… Read More
पर्यावरण स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, कांकरिया कोचिंग डिपो एक वॉटर… Read More
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि संसद में इस समय नारी शक्ति वंदन अधिनियम में… Read More
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री… Read More
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीकार किया कि महत्वपूर्ण… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment