Categories: News-Headlines

गृह मंत्री अमित शाह आज मणिपुर में रानी गैदिनलिउ आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय की आधारशिला रखेंगे

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कल तामेंगलोंग जिले के लुआंगकाओ गांव में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मणिपुर के मुख्यमंत्री नोंगथोम्बम बीरेन सिंह, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में सिटी कन्वेंशन सेंटर, इम्फाल पूर्व में रानी गैदिनलिउ आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय की स्थापना के लिए आधारशिला रखेंगे।

इस परियोजना को भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा 15 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से स्वीकृत किया गया है। राज्य मंत्रिमंडल ने तामेंगलोंग जिले के लुआंगकाओ गांव में संग्रहालय स्थापित करने का निर्णय लिया था, जो कि प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी रानी गैडिनल्यू का जन्मस्थान है और संग्रहालय का नाम रानी गैदिन्लिउ आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय रखने का निर्णय लिया। जनजातीय कार्य मंत्रालय 15 नवंबर से शुरू होने वाला अपना आजादी का अमृत महोत्सव सप्ताह मना रहा है जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय गौरव दिवस के रूप में लॉन्च किया था।

रानी गैदिनलिउ का जन्म 26 जनवरी, 1915 को मणिपुर राज्य के तामेंगलोंग जिले के ताओसेम उप-मंडल के लुआंगकाओ गांव में हुआ था। 13 साल की उम्र में वह जादोनांग से जुड़ी हुई थीं और उनके सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक आंदोलन में उनकी लेफ्टिनेंट बन गईं। 1926 या 1927 के आसपास जादोनांग के साथ उनके चार साल के जुड़ाव ने उन्हें अंग्रेजों के खिलाफ सेनानी बनने के लिए तैयार किया। जादोनांग को फांसी दिए जाने के बाद गैदिनलिउ ने आंदोलन का नेतृत्व संभाला। जादोनांग की शहादत के बाद गैडिंल्यू ने अंग्रेजों के खिलाफ एक गंभीर विद्रोह शुरू किया, जिसके लिए उन्हें 14 साल के लिए अंग्रेजों ने जेल में डाल दिया और आखिरकार 1947 में रिहा कर दिया गया।

अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में उनकी भूमिका को स्वीकार करते हुए, उन्हें “रानी” कहा जाने लगा। भारत को आजादी मिलने के बाद उन्हें तुरा जेल से रिहा किया गया था। 17 फरवरी, 1993 को रानी गैदिन्लिउ का उनके पैतृक गांव लुआंगकाओ में निधन हो गया।

उन्हें 1972 में ताम्रपत्र, 1982 में पद्म भूषण, 1983 में विवेकानंद सेवा सम्मान, 1991 में स्त्री शक्ति पुरस्कार और 1996 में भगवान बिरसा मुंडा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। भारत सरकार ने 1996 में रानी गैडिनल्यू का एक स्मारक टिकट जारी किया था। 2015 में उनके जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री ने सौ रुपये का सिक्का और पांच रुपये का प्रचलन सिक्का जारी किया। भारतीय तटरक्षक बल ने 19 अक्टूबर, 2016 को एक तेज गश्ती पोत “आईसीजीएस रानी गैदिनलिउ” को चालू किया।

मणिपुर में पर्यटन क्षेत्र में बहुत बड़ी संभावनाएं हैं और इस परियोजना से राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में पर्यटन के और विकास को बढ़ावा मिलेगा।

Leave a Comment

Recent Posts

जनगणना के तहत मकानों की गिनती का पहला चरण आज से कई राज्यों में शुरू

जनगणना के तहत मकानों की गिनती का पहला चरण आज से कई राज्यों में शुरू… Read More

1 hour ago

अमेरिका ने रूस या ईरान से तेल की खरीद पर प्रतिबंधों में कोई और छूट देने से इनकार किया

अमरीका ने रूस या ईरान से तेल की खरीद पर प्रतिबंधों में कोई और छूट… Read More

1 hour ago

IOS सागर मालदीव के माले से छह दिवसीय पारगमन पूरा करने के बाद थाईलैंड के फुकेट पहुंचा

हिंद महासागर पोत (आईओएस) सागर 14 अप्रैल 2026 को मालदीव के माले से छह दिवसीय… Read More

13 hours ago

NBCFDC ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज किया

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी), जो सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के… Read More

15 hours ago

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अर्बन चैलेंज फंड के लिए संचालन संबंधी दिशानिर्देश जारी किए

केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने आज नई दिल्ली में अर्बन चैलेंज… Read More

15 hours ago

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने महाराष्ट्र के नागपुर में एम्स नागपुर के दीक्षांत समारोह में शिरकत की और संबोधित किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज महाराष्ट्र के नागपुर में एम्स नागपुर के दीक्षांत समारोह में… Read More

17 hours ago

This website uses cookies.