खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने बुधवार को 20 प्रतिशत छूट के साथ ‘सनातन खादी वस्त्र’ की एक नई श्रेणी की शुरुआत की है। केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार ने नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में स्थित प्रमुख खादी भवन में खादी कपड़ों से बने ‘सनातन वस्त्र’ का शुभारंभ किया। नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईएफटी) स्थित खादी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओईके) में सनातन वस्त्र का डिजाइन तैयार किया गया है। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मीडिया को संबोधित करते हुए केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि खादी के निर्माण में किसी भी प्रकार की यांत्रिक या रासायनिक प्रक्रिया शामिल नहीं होती है। इसलिए भारतीय परंपरा के अनुसार तैयार सनातन वस्त्र अपने आप में अद्वितीय है। उन्होंने आगे कहा कि इस अवसर पर खादी भवन नई दिल्ली 17 से 25 जनवरी 2024 तक सनातन वस्त्र पर 20 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी। इसके अलावा खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक की विशेष छूट दी जाएगी।
सनातन वस्त्र के शुभारंभ के अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज कुमार ने कहा कि बदलते समय के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने खादी का एक नया और बदला हुआ स्वरूप देखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने खादी को ‘राष्ट्र के लिए खादी, फैशन के लिए खादी और परिवर्तन के लिए खादी’ के रूप में परिभाषित किया है। इसी सोच के आधार पर आधुनिक समय की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खादी के सनातन वस्त्र तैयार किए गए हैं, जो अतीत के गौरवशाली इतिहास से वर्तमान को एक उपहार है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सनातन वस्त्र के शुभारंभ के साथ केवीआईसी युवाओं को स्वदेशी से जोड़ना चाहता है, क्योंकि खादी का विस्तार ग्रामीण भारत में लाखों शिल्पकारों के जीवन को बेहतर बनाने का हिस्सा है।
मनोज कुमार ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में स्वदेशी आंदोलन के दौरान पूज्य बापू ने जिस खादी को ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष का सबसे प्रभावी हथियार बनाया था, अब खादी को उसका पुराना गौरव लौटाने का जिम्मा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उठाया है। उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों का कारोबार 1.34 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। खादी वस्त्रों का उत्पादन 880 करोड़ रुपये से बढ़कर 3000 करोड़ रुपये और खादी उत्पादों की बिक्री 1170 करोड़ रुपये से बढ़कर 6000 करोड़ रुपये हो गई है। इतना ही नहीं खादी महोत्सव के दौरान दिल्ली के कनॉट प्लेस के शोरूम में एक दिन में 1.5 करोड़ रुपये और खादी भंडार में एक महीने में 25 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। सबसे बड़ी बात यह है कि दिल्ली में आयोजित आईआईटीएफ में 14 दिन में 15 करोड़ रुपये की खादी की बिक्री हुई, जो अपने आप में एक रेकॉर्ड है।
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