Categories: News-Headlines

कोविड महामारी के बीच सरकार के प्रयासों के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था में वी-आकार की रिकवरी देखी जा रही है: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की मध्य भारत क्षेत्रीय परिषद (सीआईआरसी) की लखनऊ शाखा द्वारा आयोजित वित्तीय बाजार पर एक कार्यशाला को संबोधित किया। कार्यशाला का आयोजन प्रतिभागियों को अर्थव्यवस्था से संबंधित नए परिवर्तनों के बारे में जानकारी प्रदान करने और उन्हें इस क्षेत्र से संबंधित भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित और प्रेरित करने के लिए किया गया था।

राजनाथ सिंह ने देश के वाणिज्यिक इकोसिस्टम को सही दिशा में चलाने में चार्टर्ड एकाउंटेंट्स (सीए) के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें वित्तीय प्रबंधन और अर्थव्यवस्था की लेखा परीक्षा का आधार बताया। रक्षा मंत्री ने कहा, “हमारे सशस्त्र बलों के जवानों की तरह, जो हमेशा बहादुरी और समर्पण के साथ देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, हमारे सीए वित्तीय प्रणाली की अंतरात्मा की रक्षा करने वाले हैं। सीए को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए ईमानदारी सुनिश्चित करनी चाहिए क्योंकि वे वित्तीय संस्थानों में लोगों के भरोसे की रक्षा करने वाले हैं।”

रक्षा मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी और अब रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और साजो-सामान संबंधी बाधाओं के कारण विश्व अर्थव्यवस्था बहुत कठिन दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा, “रूस और यूक्रेन महत्वपूर्ण वस्तु उत्पादक देश हैं। रूस खाद्यान्न और हाइड्रोकार्बन का एक प्रमुख उत्पादक है, जबकि यूक्रेन गेहूं आदि का एक महत्वपूर्ण उत्पादक देश है। इसलिए, वर्तमान में चल रहे संघर्ष ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। चूंकि हम बड़ी मात्रा में हाइड्रोकार्बन और तिलहन आयात करते हैं, इसलिए उनकी कीमतों ने हमारे देश को भी प्रभावित किया है। खाद्य वस्तुओं और ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और अन्य साजो-सामान बाधाओं के कारण प्रमुख मुद्रास्फीति भी बढ़ी है।”

इस बात पर प्रकाश डालते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण हुई गड़बड़ी और अनिश्चितताओं के कारण निजी उपभोग व्यय में कमी आई है, और ऐसे में सरकार ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं और उसके परिणाम भी दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “कई एजेंसियों के सर्वेक्षणों के अनुसार, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में विकसित हो रहा है। हमारा निर्यात लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है और इसके और बढ़ने की संभावना है। ऑस्ट्रेलिया के साथ एक प्रमुख मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं और अन्य साझेदार देशों के साथ भी इसी तरह के समझौते किए गए हैं।”

रक्षा मंत्री ने सकल वस्तु और सेवाकर-जीएसटी राजस्व संग्रह के बारे में कहा की अप्रैल 2022 में जीएसटी संग्रह अब तक का सबसे अधिक 1.68 लाख करोड़ रुपये था। उन्होंने कर संग्रह को जनहित के कार्यों को पूरा करने के साधन के रूप में परिभाषित किया और कहा कि वही राजस्व 80 करोड़ से अधिक लोगों तक कोविड-19 स्थिति के दौरान ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के माध्यम से मुफ्त खाद्यान्न के रूप में पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक और घरेलू स्तर पर नए निवेश किए जा रहे हैं जिससे आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव कम होने की आशा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम गतिशक्ति-राष्ट्रीय मास्टर प्लान पर प्रकाश डालते हुए, राजनाथ सिंह ने इसे साजो-सामान की बाधाओं के लिए सरकार की दीर्घकालिक प्रतिक्रिया करार दिया। उन्होंने कहा कि इस मास्टर प्लान को कार्यान्वित करने के लिए 100 लाख करोड़ रुपये तक के व्यय की परिकल्पना की गई है।

रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि सड़कों, रेलवे, हवाई अड्डों, बंदरगाहों और शिपिंग जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का निर्माण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। यह कहते हुए कि उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना से निजी निवेश में वृद्धि हुई है जिससे अर्थव्यवस्था में मांग को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने किसानों के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, पीएम किसान समृद्धि योजना और अन्य आय सहायता योजनाओं का भी उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य निजी उपभोग के लिए होने वाले व्यय को बढ़ावा देना है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि इन प्रयासों के कारण घरेलू मांग, चाहे वह निवेश से संबंधित हो या खपत से, तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “हम कोविड-19 महामारी के बाद वी-आकार की रिकवरी देख रहे हैं। बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स पर हमारा ध्यान आपूर्ति पक्ष की बाधाओं को दूर करने के लिए शुरू हो गया है। हमारे कोविड-19 टीकाकरण अभियान की सफलता के कारण संपर्क-आधारित सेवाएं भी तीव्र गति से आगे बढ़ रही हैं। यह हमारी अर्थव्यवस्था के पटरी पर आने की दिशा में एक अच्छा संकेत है।”

रक्षा मंत्री ने अर्थव्यवस्था के विकास के लिए आवश्यक प्रमुख पहलुओं, अर्थात् कुशल मानव संसाधन, पूंजी, तकनीकी, बाजार और संस्थाएं जैसे कानून का शासन, स्वतंत्र अदालतें, स्वतंत्र प्रेस और नियामक प्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन पहलुओं को मजबूत करने के लिए कई उपाय किए हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए, सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 जारी की है और नए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-आईआईटी, भारतीय प्रबंध संस्थान-आईआईएम, पॉलिटेक्निक कॉलेज, चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किए और मेडिकल सीटों की संख्या में वृद्धि की।

राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि बैंकों के विलय, निजीकरण और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पूंजीकरण जैसे साहसिक कदमों से यह सुनिश्चित हो गया है कि गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां या अन्य कारणों से घाटे का सामना कर रहे बैंक अब ऋण प्रदान करने की स्थिति में हैं। “हमने स्टार्ट-अप के लिए वेंचर कैपिटल फंडिंग विकसित की है, जो शुरुआती चरण में उनकी वित्तीय सहायता के लिए महत्वपूर्ण है। स्टार्टअप-आधारित नवाचार इकोसिस्टम की सफलता इस तथ्य से स्पष्ट है कि देश में 100 से अधिक यूनिकॉर्न तैयार हो चुके हैं। हमने खुदरा निवेशकों को प्रोत्साहित किया है और इनसाइडर ट्रेडिंग को समाप्त किया है। व्यापार प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी और डिजिटल वास्तुकला के उपयोग को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है।”

रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए सरकार रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) जैसे अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठानों में सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि अब शिक्षा जगत और उद्योग के बीच एक कड़ी स्थापित की गई है ताकि महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों में किए जा रहे शोध उद्योग जगत तक पहुंचें और दोनों पक्ष विकास का फल प्राप्त कर सकें।

राजनाथ सिंह ने स्टार्ट-अप को नवाचार का एक प्रमुख वाहन बताते हुए कहा, यह सरकार का कर्तव्य है कि वह उन्हें संभाले और आगे ले जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (आईडीईएक्स) और इसका हाल ही में लॉन्च किया गया संस्करण -आईडेक्स प्राइम – इनोवेटर्स और स्टार्ट-अप्स के विकास को सुनिश्चित करेगा क्योंकि ये पहल उन्हें एक अच्छे अवसर प्रदान कर रही हैं।

रक्षा मंत्री ने उद्योगों को बाजार उपलब्ध कराने के सरकार के संकल्प को दोहराया, इसे प्रधानमंत्री की ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना का एक महत्वपूर्ण पहलू बताया। उन्होंने कहा कि घरेलू कंपनियों से खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। यह न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ की कल्पना के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय मांग को भी पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि घरेलू कंपनियों के लिए विदेशी बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना सकें।

राजनाथ सिंह ने संस्थानों को मजबूत करने और उन्हें व्यापार सुविधा प्रदाता में बदलने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी बताया। इनमें इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड शामिल है जो कमजोर व्यवसायों को आसान निकासी प्रदान करता है, ताकि फंसी हुई संपत्तियों को हासिल किया जा सके और आर्थिक विकास के लिए नए सिरे से उनका उपयोग किया जा सके।

Leave a Comment

Recent Posts

National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला बेस्ट एक्टर अवॉर्ड

National Film Awards 2026: ‘आर्टिकल 370’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी को मिला… Read More

14 hours ago

RBI ने पॉलिमर नोटों की दिशा में बढ़ाया कदम, ₹10 और ₹20 के नोटों से हो सकती है शुरुआत

RBI ने पॉलिमर नोटों की दिशा में बढ़ाया कदम, ₹10 और ₹20 के नोटों से… Read More

15 hours ago

AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और परीक्षा से जुड़ी अहम बातें

AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और… Read More

17 hours ago

Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की बढ़ी ताकत

Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की… Read More

18 hours ago

Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का राशिफल

Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More

18 hours ago

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More

2 days ago

This website uses cookies.