Categories: News-Headlines

कैबिनेट ने SNBNCBS, कोलकाता और IFW Dresden EV, जर्मनी के बीच नवीन चुंबकीय और टोपोलॉजिकल क्वांटम सामग्री के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एस.एन. बोस नेशनल सेंटर फॉर बेसिक साइंसेज (एसएनबीएनसीबीएस), कोलकाता, भारत और लाइबनिज-इंस्टीट्यूट फर फेस्टकोर्पर- और वेर्कस्टोफफोर्सचुंग ड्रेसडेन ई.वी. (आईएफडब्ल्यू ड्रेस्ड ई.वी.), ड्रेसडेन, जर्मनी के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य नवीन चुंबकीय और टोपोलॉजिकल क्वांटम सामग्री के क्षेत्र में वैज्ञानिक सहयोग करना है।

क्वांटम सामग्री पर शोध ने दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है, क्योंकि इनकी क्षमता पर भविष्य की क्वांटम प्रौद्योगिकी का विकास निर्भर है। इस संयुक्त उद्यम का लक्ष्य भारत-जर्मन सहयोग को बढ़ावा देना, अवसर प्रदान करना और चुंबकीय और टोपोलॉजिकल क्वांटम सामग्री के क्षेत्र में ज्ञान की उन्नति को सुविधाजनक बनाना है। सहयोग में विशेष रूप से प्रयोगात्मक और संगणन योग्य संसाधनों को साझा करना, तकनीकी और पेशेवर समर्थन का आदान-प्रदान और सहयोगी अनुसंधान के लिए संकाय, शोधकर्ताओं का आदान-प्रदान करना आदि शामिल होंगे। पारस्परिकता, सर्वोत्तम प्रयास, पारस्परिक लाभ और लगातार बातचीत के माध्यम से अपेक्षित ज्ञान आधार के निर्माण की उम्मीद है।

एसएनबीएनसीबीएस के बारे में:

एस.एन. बोस नेशनल सेंटर फॉर बेसिक साइंसेज (एसएनबीएनसीबीएस) एक स्वायत्त अनुसंधान संस्थान है, जिसकी स्थापना 1986 में एक पंजीकृत सोसायटी के रूप में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के तहत की गई थी। इस केंद्र की स्थापना प्रोफेसर एस.एन. बोस के जीवन और कार्य का सम्मान करने के लिए की गई थी, जो सैद्धांतिक भौतिकी में एक महान व्यक्ति थे और जिन्होंने क्वांटम यांत्रिकी और क्वांटम सांख्यिकी के विकास में कुछ मौलिक वैचारिक योगदान दिए हैं। इन वर्षों में, केंद्र मूलभूत विज्ञान में अनुसंधान और विकास के एक प्रमुख संस्थान के रूप में उभरा है, विशेष रूप से भौतिक विज्ञान और संबंधित विषयों के क्षेत्र में, जिनमें प्रयोग, सिद्धांत और गणना की शक्ति को नियोजित किया जाता है। केंद्र विज्ञान और प्रौद्योगिकी के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में उन्नत प्रशिक्षण और आपसी सम्बन्ध का एक प्रमुख केंद्र भी है। केंद्र एक आवासीय कार्यक्रम प्रदान करता है, जिसमें आगे पीएचडी की जाती है और इसमें एक मज़बूत विजिटर एंड लिंकेज कार्यक्रम भी होता है।

आईएफडब्ल्यू के बारे में:

आईएफडब्ल्यू एक गैर-विश्वविद्यालय अनुसंधान संस्थान है और लाइबनिज़ एसोसिएशन का सदस्य है। आईएफडब्ल्यू ड्रेसडेन आधुनिक सामग्री विज्ञान से संबंधित है और नवीन सामग्री और उत्पादों के तकनीकी विकास के साथ भौतिकी, रसायन विज्ञान और सामग्री विज्ञान में खोजपूर्ण अनुसंधान का संयोजन करता है।

आईएफडब्ल्यू में अनुसंधान कार्यक्रम कार्यात्मक सामग्रियों पर केंद्रित हैं, जो अनुप्रयोग के कई क्षेत्रों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं: सुपरकंडक्टिंग और चुंबकीय सामग्री, पतली-फिल्म प्रणाली और नैनोस्ट्रक्चर के साथ-साथ क्रिस्टलीय और आकारहीन सामग्री। संस्थान का मिशन युवा वैज्ञानिकों को बढ़ावा देना और तकनीकी कर्मचारियों के प्रशिक्षण के साथ-साथ औद्योगिक कंपनियों को संस्थान की आर एंड डी जानकारी और अनुभव आदि की आपूर्ति करना है।

Leave a Comment

Recent Posts

YouTube यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! नए फीचर्स और पॉलिसी बदलावों से बदल सकता है आपका अनुभव

YouTube यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! नए फीचर्स और पॉलिसी बदलावों से बदल सकता है… Read More

44 minutes ago

1 जून से 30 जून तक देशभर में चलेगा “खेत बचाओ अभियान”

केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता… Read More

18 hours ago

गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में सीमा संबंधी विषयों पर बैठक की अध्यक्षता की

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा (IPB) से लगे… Read More

19 hours ago

This website uses cookies.