सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) ने एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर संकेतकों के प्रावधान से संबंधित नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा अनुमोदित ये नए दिशा-निर्देश चालकों को बेहतर दृश्यता व सहज मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों एवं विश्वस्तरीय मानकों को अपनाकर सड़क सुरक्षा को और बेहतर बनाने पर केन्द्रित हैं।
सड़क पर लगाए जाने वाले संकेतक सड़क से संबंधित बुनियादी ढांचे के आवश्यक घटक हैं क्योंकि वे चालकों को महत्वपूर्ण जानकारियां एवं निर्देश प्रदान करते हैं। तदनुसार, एमओआरटीएच ने यातायात नियमों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु प्रासंगिक आईआरसी कोड व दिशा-निर्देशों, विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कोडों में निर्धारित मौजूदा कार्यप्रणालियों के साथ-साथ सूचना एवं कार्यक्षमता से संबंधित परिप्रेक्ष्य के अनुरूप संकेतकों के प्रावधानों की समीक्षा की है। ये दिशा-निर्देश चालकों को स्पष्ट एवं संक्षिप्त मार्गदर्शन, चेतावनियां, नोटिस और नियामक जानकारियां प्रदान करने की दृष्टि से डिज़ाइन किए गए हैं, ताकि सड़कों पर निर्बाध एवं सुरक्षित यात्रा की सुविधा संभव हो सके।
इन दिशा-निर्देशों की कुछ मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं:
बेहतर दृश्यता और सुपाठ्यता: ड्राइवरों को जल्दी से समझ में आने के लिए उचित ऊंचाई/दूरी पर रखकर, बड़े अक्षरों, प्रतीकों और छोटी कहावतों के जरिए सड़क पर लगने वाले संकेतकों की बेहतर दृश्यता को प्राथमिकता दें और यह सुनिश्चित करें कि महत्वपूर्ण जानकारियां प्रतिकूल परिस्थितियों में भी आसानी से दिखाई देने व समझने योग्य हों।
सहज संप्रेषण के लिए सचित्र चित्रण: आवश्यक संदेशों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने हेतु लिखित पाठ के साथ सचित्र निरूपण, जो सीमित साक्षरता वाले लोगों सहित सड़क उपयोगकर्ताओं के विविध समूहों की जरूरतों को पूरा करे।
क्षेत्रीय भाषाएं: सड़कों पर लगाए जाने वाले संकेतकों के लिए बहुभाषी दृष्टिकोण, जिसमें अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाएं शामिल हों, को अपनाना ताकि विविध सड़क उपयोगकर्ताओं के साथ प्रभावी तरीके से संप्रेषण सुनिश्चित हो और यातायात नियमों की बेहतर समझ एवं अनुपालन को बढ़ावा मिले।
केन्द्रित लेन संबंधी अनुशासन: चालकों को स्पष्ट एवं सहज मार्गदर्शन के साथ रणनीतिक रवैये के जरिए लेन संबंधी बेहतर अनुशासन को बढ़ावा देने, निर्दिष्ट लेन के पालन को प्रोत्साहित करने और यातायात की भीड़भाड़ को कम करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
चरणबद्ध कार्यान्वयन: प्रारंभिक चरण में, इन दिशा-निर्देशों को सभी नए राजमार्गों, एक्सप्रेसवे और ग्रीनफील्ड कॉरिडोर पर लागू किया जाएगा। इसके अलावा, 20,000 से अधिक यात्री कार इकाइयों (पीसीयू) के साथ अत्यधिक यातायात वाले राजमार्गों पर भी इन दिशा-निर्देशों के कार्यान्वयन को प्राथमिकता दी जाएगी।
ये दिशा-निर्देश, देश भर में सड़क सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं। उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों एवं विश्वस्तरीय मानकों को अपनाने के साथ, एमओआरटीएच का लक्ष्य सभी सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुरक्षित एवं कुशल यात्रा का अनुभव प्रदान करते हुए दुर्घटना-मुक्त सड़कों की दिशा में आगे बढ़ना है।
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