केन्द्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज पंजाबी बाग (पश्चिम) में राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग (एनसीआईएसएम) के नए कार्यालय भवन का उद्घाटन किया और कहा कि आयुष अब समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनने की ओर अग्रसर है।
सर्बानंद सोनोवाल ने भारत सरकार के संपूर्ण सरकार के दृष्टिकोण की भूमिका पर प्रकाश डाला और कहा कि आयुष का यह दशक जबरदस्त विकास और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा की आपूर्ति में भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को शामिल करने का है। उन्होंने कहा, “2014 में आयुष मंत्रालय के गठन के बाद, आयुष के क्षेत्र में बहुत कुछ बदल गया है। आयुष अब दुनिया भर में प्रसिद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन व दूरदर्शी दृष्टिकोण के तहत, आयुष अभूतपूर्व तरीके से प्रगति रहा है और पूरी दुनिया ने अब आयुष चिकित्सा प्रणालियों की शक्ति, प्रभावकारिता और समावेशी प्रकृति को पहचान लिया है।”
केन्द्रीय मंत्री ने नवाचार, नई शिक्षा और संवादात्मक मॉड्यूल के माध्यम से आयुष शिक्षा को आगे बढ़ाने में एनसीआईएसएम द्वारा निभाई जा रही भूमिका के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, “भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की वैश्विक स्तर पर मिली स्वीकार्यता ने अब आयुष क्षेत्र पर बहुत अधिक जिम्मेदारी डाल दी है। न केवल शिक्षा प्रणाली, बल्कि आयुष की स्वास्थ्य सेवा संबंधी आपूर्ति, उसके उत्पाद एवं सेवाएं भी दुनिया में सर्वश्रेष्ठ होनी चाहिए।”
केन्द्रीय मंत्री ने अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के नए “पदम श्री और पदम भूषण वैद्य देवेंद्र त्रिगुण सदन” भवन का भी उद्घाटन किया और आरएवी गुरु, वैद्य ताराचंद शर्मा द्वारा लिखित ‘आयुर्वेद कृतत्व परिचय कोष’ नामक पुस्तक का विमोचन किया।
उद्घाटन सत्र में केन्द्रीय आयुष और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मुंजपरा महेंद्रभाई ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से आयुष मंत्रालय की 10 साल की उपलब्धियों की सराहना की। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने एनसीआईएसएम और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (एनसीएच) की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दोनों आयोगों ने आयुष शिक्षा को नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बनाने में सराहनीय कार्य किया है। एनसीआईएसएम के अध्यक्ष वैद्य जयंत देव पुजारी ने आयोग के महत्वपूर्ण कार्यों की ओर ध्यान दिलाया।
वैद्य देवेन्द्र त्रिगुणा, अध्यक्ष, अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन, डॉ. (प्रो.) तनुजा नेसारी, निदेशक एआईआईए, डॉ. मीना कुमारी, निदेशक, एनआईएस, डॉ. संजीव शर्मा, कुलपति एनआईए जयपुर, विभिन्न संगठनों और एनसीआईएसएम के गणमान्य व्यक्ति व पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
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