केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने संबंधी याचिकाओं पर कार्यवाही में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पक्ष बनाया जाए। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में केंद्र ने बताया कि कल सभी राज्यों को इस संबंध में पत्र जारी कर याचिका में उठाए गए मुद्दों पर उनके विचार मांगे गए हैं। केंद्र की ओर से महाधिवक्ता तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ से अनुरोध किया कि कार्यवाही के दौरान राज्यों को पक्ष बनाया जाए। उच्चतम न्यायालय ने दो समलैंगिक जोड़ों की अलग-अलग याचिकाओं पर 25 नवम्बर को केंद्र की प्रतिक्रिया मांगी थी। याचिकाओं में विवाह करने की अनुमति देने और इसे विशेष विवाह अधिनियम के तहत पंजीकृत करने की मांग की गई है।
अन्नामलाई BJP छोड़ेंगे? नई पार्टी बनाने की अटकलों के बीच दिल्ली पहुंचे पूर्व तमिलनाडु BJP… Read More
वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में मौका कब?' दिग्गज क्रिकेटर ने BCCI पर उठाए सवाल… Read More
YouTube यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! नए फीचर्स और पॉलिसी बदलावों से बदल सकता है… Read More
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत केरल में नशीले पदार्थों के खिलाफ… Read More
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता… Read More
दुल्हन की आंख खुली तो सीने पर था पायलट पति का शव, शादी के कुछ… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment