केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सभी हितधारकों से आगे आने और वाहन स्क्रैपिंग नीति का समर्थन करने की अपील की है। आज नई दिल्ली में एक हितधारक परामर्श बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने इसे सभी के लिए लाभदायक स्थिति बताया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मंत्रालय ने वाहनों के लिए लगातार मांग का सृजन करने के लिए कई प्रकार की पहल की है जिनमें राजमार्गों के विश्व स्तरीय नेटवर्क का निर्माण, बसों का विद्युतीकरण और वाहनों की अनिवार्य ऑटोमेटेड फिटनेस जांच शामिल है। उन्होंने कहा कि ऑटो ओईएम को अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए और देश को विश्व में सबसे बड़ा ऑटो उद्योग बनाने में सहायता करनी चहिए।
नितिन गडकरी ने जोर देकर कहा कि चूंकि ऑटो उद्योग इस नीति का सबसे बड़ा लाभार्थी है, उन्हें अवश्य आगे आना चाहिए और ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) और पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं (आरवीएसएफ) की स्थापना करने में अधिक निवेश करने, अपने डीलर नेटवर्क के माध्यम से नीतिगत लाभों के बारे में नागरिकों के बीच अधिक जागरूकता पैदा करने तथा वाहनों को स्क्रैप करने पर नागरिकों द्वारा प्राप्त जमा प्रमाणपत्र के विरुद्ध अंतिम छूट प्रतिशत के तीन बिंदुओं पर समर्थन दिया जाना चाहिए।
सचिव अनुराग जैन ने देश भर में ऑटो उद्योग को स्क्रैप केंद्रों और ऑटोमेटेड जांच केंद्रों की स्थापना करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस बात पर जोर दिया गया कि वाहन स्क्रैपिंग नीति से ऑटो की बिक्री में लगभग 8 प्रतिशत वृद्धि होने तथा देश के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 0.5 प्रतिशत का योगदान प्राप्त होने की उम्मीद है और इसलिए ऑटो ओईएम को इस नीति को निश्चित रूप से निर्बाधित समर्थन देना चाहिए।
इस हितधारक परामर्श बैठक का उद्देश्य पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं (आरवीएसएफ) और स्वचालित जांच केंद्रों (एटीएस) के वाहन स्क्रैपिंग बुनियादी ढांचे में निवेश के रूप में वाहन स्क्रैपिंग नीति के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए ऑटोमोबाइल उद्योग से समर्थन प्राप्त करना, नागरिकों के बीच जागरुकता पैदा करना और आरवीएसएफ में वाहनों को स्क्रैप करने के लिए वाहन मालिकों को छूट प्रदान करना शामिल है। इस कार्यक्रम में, सभी प्रमुख ऑटोमोटिव ओईएम (टाटा, महिन्द्रा, मारूति, किया, ह्यूंडई आदि), ऑटो डीलरों तथा यूज्ड कार एग्रेगेटर्स (कार देखो, कार्स 24 सहित) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और वाहन स्क्रैपिंग नीति के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए आवश्यक चुनौतियों तथा कार्रवाइयों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया।
अपर सचिव महमूद अहमद ने गणमान्य व्यक्तियों और उद्योग के सहभागियों का स्वागत किया तथा वी-वीएमपी के प्रमुख लाभों को रेखांकित किया। इसके बाद निदेशक परेश गोयल द्वारा वी-वीएमपी की स्थिति तथा ऑटो उद्योग से अपेक्षित सहायता पर एक प्रस्तुति दी गई।
सियाम ने भी इस नीति के माध्यम से नागरिकों के लिए प्रोत्साहन पर अपने विचार प्रस्तुत किए और सभी अन्य ऑटो उद्योग हितधारकों द्वारा अच्छे इनपुट प्रदान किए गए।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 2021 में वॉलेंटरी वेहिकल – फ्लीट मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (वाहन स्क्रैपिंग नीति) लांच किया था। इस नीति का उद्देश्य पुराने, असुरक्षित, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने और उनके स्थान पर नए, सुरक्षित तथा ईंधन – कुशल वाहनों को लाने के लिए एक इकोसिस्टम का निर्माण करना है।
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