न्याय विभाग ने ई-न्यायालय परियोजना के पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित करने के लिए आज जैसलमेर हाउस, नई दिल्ली में एक पुरस्कार समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रीजीजू और राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने भाग लिया। इस अवसर पर न्याय विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे। मंत्री ने डेस्क कैलेंडर ‘न्याय विभाग तक पहुँच’ का अनावरण किया, जो दिशा (न्याय तक समग्र पहुंच के लिए अभिनव समाधान डिजाइन करना) कार्यक्रम के तहत नागरिकों के कल्याण के लिए की जा रही पहलों पर प्रकाश डालता है।
न्याय सबसे तेज गति, जो संभव हो, से दिया जाना चाहिए। आज, लगभग 4.90 करोड़ मामले अदालतों में लंबित हैं, अदालतों की प्रौद्योगिकी क्षमता लंबित मामलों की संख्या को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
किरेन रीजीजू ने जैसलमेर हाउस के सम्मेलन कक्ष में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि न्याय विभाग, माननीय मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के मार्गदर्शन में, सर्वोच्च न्यायालय की ई-समिति के घनिष्ठ समन्वय में लगातार काम कर रहा है। विधि एवं न्याय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने भी न्याय को समावेशी और सभी के लिए सुलभ बनाने वाली विभिन्न नागरिक-केंद्रित सेवाओं के लिए न्याय विभाग की प्रशंसा की। उन्होंने लंबित मामलों को कम करने के लिए अदालतों में एआई और प्रौद्योगिकी एकीकरण पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका न्याय’ दृष्टिकोण के तहत, न्याय विभाग, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रीजीजू के मार्गदर्शन में अपने नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण और विभिन्न कार्यक्रमों व पहलों के माध्यम से देश के कोने-कोने में न्याय प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। इस उद्देश्य के लिए तथा न्यायालयों की आईसीटी क्षमता द्वारा भारतीय न्यायपालिका को बदलने की दृष्टि से, ई-न्यायालय परियोजना; सर्वोच्च न्यायालय की ई-समिति के निकट सहयोग से उल्लेखनीय उपलब्धियों के साथ आगे बढ़ रही है।
ई-न्यायालय मिशन मोड परियोजना के तहत विकसित ‘निर्णय खोज पोर्टल’; इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के संरक्षण में माननीय राष्ट्रपति द्वारा ‘नागरिकों का डिजिटल सशक्तिकरण’ श्रेणी में प्रतिष्ठित डिजिटल इंडिया अवार्ड 2022 तथा प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के संरक्षण में ‘स्वर्ण श्रेणी’ के तहत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवार्ड 2021-2022 का विजेता बना।
ई-समिति के साथ ई-न्यायालय परियोजना द्वारा किए गए प्रयासों के जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण परिणामों को स्वीकार करते हुए, केंद्र सरकार ने ई-समिति, सर्वोच्च न्यायालय को कानून से जुड़े स्थलों को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने के क्रम में दिव्यांग व्यक्तियों को सशक्त बनाने का कार्य कर रहे संस्थानों के लिए एक राष्ट्रीय पुरस्कार, 2021 (सर्वश्रेष्ठ सुगम्य यातायात के साधन / सूचना एवं संचार प्रोद्योगिकी) प्रदान किया है।
एस.के.जी. रहाटे, सचिव (न्याय) ने इस अवसर पर उपस्थित मंत्रियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। राजिंदर कुमार कश्यप, अपर सचिव (नियुक्ति और प्रशासन) ने नियुक्ति सॉफ्टवेयर पर प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की, जैसे स्वीकृत संख्या, न्यायालयों में कार्यरत माननीय न्यायाधीशों की संख्या और विभाग वेबसाइट डैशबोर्ड पर एक अभिनव तरीके से सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों से संबंधित नियुक्ति मामलों को कैसे पूरा करता है, आदि।
डिजिटल इंडिया अवार्ड, 2022, ई-गवर्नेंस अवार्ड 2022 और दिव्यांग व्यक्तियों को सशक्त बनाने का कार्य कर रहे संस्थानों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पर विशेष जोर देते हुए संयुक्त सचिव प्रवेश प्रसून पांडे ने ई-न्यायालय परियोजना पर प्रस्तुति दी। उन्होंने अदालतों की प्रौद्योगिकी क्षमता के महत्व और आम जनता के जीवन पर इसके प्रभाव को रेखांकित किया और बताया कि सर्वोच्च न्यायालय की ई-समिति के मार्गदर्शन में न्याय विभाग की ई-न्यायालय परियोजना देश के जिला और अधीनस्थ न्यायालयों में मजबूत अवसंरचना के निर्माण में किस प्रकार मदद करती है। कार्यक्रम में ‘निर्णय खोज पोर्टल’ पर लघु फिल्म भी दिखाई गई।
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