केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर पूरे सप्ताह मनाए जाने वाले उत्सव का उद्घाटन किया। महिला और बाल विकास मंत्रालय ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के राष्ट्रव्यापी उत्सव के तहत 1 से 8 मार्च, 2022 तक अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह मना रहा है। महिलाओं की रक्षा और सुरक्षा पर जागरूकता बढ़ाने के लिए पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडडी) की सहभागिता में मंत्रालय ने आज के उद्घाटन कार्यक्रम को आयोजित किया। महिलाओं की रक्षा और सुरक्षा पर बीपीआरएंडडी और राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान (एनआईपीसीसीडी) की ओर से विशेष संवाद सत्र आयोजित किए गए।
इस अवसर पर केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री ने वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) की ‘सखियों’, अधिकारियों और मीडियाकर्मियों की विशाल सभा को संबोधित किया। उन्होंने ओएससी के उन पदाधिकारियों के अथक प्रयासों की सराहना की जिन्होंने हिंसा व दुर्व्यवहार की शिकार महिलाओं को समग्र सेवाएं प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्मृति ईरानी ने कोविड महामारी के खतरे के बावजूद महिलाओं की सुरक्षा के लिए पूरे देश में संचालित सभी 704 ओएससी के किए गए ठोस प्रयासों की सराहना की। वहीं, सखियों को अच्छा काम करने के लिए प्रेरित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आपके द्वारा बचाए गए हर एक जीवन के लिए और जिस सम्मान को आप बनाए रखती हैं, उसे यह राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।
स्मृति ईरानी ने बीपीआरएंडडी जैसी एजेंसियों के किए गए सभी असाधारण कार्यों और सहयोगात्मक प्रयासों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। स्मृति ईरानी ने एक ट्वीट में कहा, “भारत सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण को अपनाया है, जहां वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) व महिला हेल्पलाइन जैसी पहलों ने 70 लाख से अधिक महिलाओं की सहायता की है, निर्भया कोष के तहत मानव तस्करी रोधी इकाइयां व हेल्प डेस्क महिलाओं को एक मजबूत सुरक्षा प्रणाली प्रदान कर रहे हैं।”
वहीं, महिला और बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मुंजपारा महेंद्रभाई ने देश में मौजूदा विकास और महिलाओं की सुरक्षा के लिए मंत्रालय की ओर से लागू की गई पहलों पर अपने विचारों को रखा।
बीपीआरएंडडी महानिदेशक बालाजी श्रीवास्तव ने अपने प्रमुख भाषण में एजेंसी के किए गए कार्यों और पहलों की विस्तृत पृष्ठभूमि के बारे में बताया। इनमें एकीकृत तकनीक, ऑनलाइन निगरानी प्रणाली जैसे कि 5 लाख से अधिक प्रविष्टियों के डेटा सेट के साथ यौन अपराधों के लिए जांच निगरानी प्रणाली और साइबर अपराध पोर्टल आदि शामिल हैं। उन्होंने 700 से अधिक प्रशिक्षण मॉड्यूल के जरिए लगभग 20,000 पदाधिकारियों जैसे कि अभियोजकों व पुलिसकर्मियों आदि के प्रशिक्षण में निर्भया फंड से दिए गए योगदान के बारे में भी बताया।
मंत्रालय के सचिव इंदीवर पाण्डेय ने महिलाओं और लड़कियों की शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित किया। उन्होंने लाभार्थियों को प्रदान की जाने वाली सेवाओं जैसे कि बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन जैसी पहलों के जरिए महिला और बाल विकास मंत्रालय की ओर निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया।
वन स्टॉप सेंटर की महत्वपूर्ण भूमिका को सामने लाने के लिए एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। सेंटर, महिलाओं को पूरी तरह सहारा और सहायता प्रदान कर यह सुनिश्चित करने का काम करता है कि महिलाएं सम्मान पाने के लिए एक जगह से दूसरी जगह गए बिना एक गरिमामयी जीवन को जी सकें। ओएससी संकट में फंसी महिलाओं को पुलिस, कानूनी, चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक व सामाजिक सहारा सहित कई प्रकार की सहायता और समर्थन प्रदान करता है।
इसके बाद बीपीआरएंडडी ने आत्मरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों के मन को मोहने का काम किया। इस आत्मरक्षा तकनीक का प्रदर्शन बीपीआरएंडडी की उच्च प्रशिक्षित टीम ने किया था।
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