केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए एक वर्चुअल समीक्षा बैठक की। बैठक में सुमिता डावरा, सचिव (श्रम एवं रोजगार), रमेश कृष्णमूर्ति, केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और ईपीएफओ के 21 आंचलिक और 140 क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारियों ने भाग लिया।
समीक्षा में दावा निपटान की दक्षता बढ़ाने, दावा अस्वीकृति को कम करने, यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) को सक्रिय करने और उच्च वेतन पर पेंशन (पीओएचडब्ल्यू) योजना को लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
सचिव (श्रम एवं रोजगार) ने मंत्री को सेवा वितरण में सुधार के लिए ईपीएफओ द्वारा हाल ही में की गई पहलों के बारे में जानकारी दी, जैसे कि संयुक्त घोषणा प्रक्रिया का सरलीकरण, पीएफ खाता हस्तांतरण के लिए नियोक्ता की आवश्यकता को समाप्त करना, दावा निपटान के लिए चेक लीफ अपलोड करने की आवश्यकता को हटाना आदि।
सीपीएफसी रमेश कृष्णमूर्ति द्वारा एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें ईपीएफओ के आंचलिक कार्यालयों के प्रदर्शन पर प्रकाश डाला गया। आंचलिक कार्यालयों के प्रभारी अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री के साथ बेहतर सेवा वितरण के लिए अपने अनुभव और कार्य योजना साझा की।
डॉ. मंडाविया ने जोर देकर कहा कि उच्च वेतन पर पेंशन (पीओएचडब्लू) और शिकायत निवारण प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं। अधिकारियों को हाल ही में ईपीएफओ द्वारा जारी स्पष्टीकरण का सख्ती से पालन करते हुए पीओएचडब्ल्यू मामलों के निपटान में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
केंद्रीय मंत्री ने रोजगार-लिंक्ड प्रोत्साहन (ईएलआई) योजना के सफल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रारंभिक कार्य को पूरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए ताकि अधिकतम संख्या में नए सदस्यों के लिए यूएएन सक्रिय किए जा सकें।
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदर्शन में पिछड़े क्षेत्रों और क्षेत्रीय कार्यालयों को सेवा वितरण में सुधार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और प्रभावी कार्यान्वयन, जवाबदेही और सुशासन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने ईपीएफओ के वरिष्ठ अधिकारियों को काम की समीक्षा, सेवाओं में सुधार के लिए योजना तैयार करने आदि के लिए फील्ड कार्यालयों का दौरा करने का निर्देश दिया। इससे ईपीएफओ की कार्य संस्कृति में वृद्धि होगी।
उन्होंने ईपीएफओ को अपनी सेवा गुणवत्ता और दक्षता को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे सदस्यों के लिए जीवनयापन में आसानी और पारदर्शिता बढ़े। उन्होंने अधिकारियों से सदस्यों के लिए ईमानदारी और सहानुभूति के साथ सेवाओं का संचालन करने का आग्रह किया।
ईपीएफओ फील्ड कार्यालयों की अगली समीक्षा बैठक फरवरी 2025 में निर्धारित है, जहां आगे की प्रगति का आकलन किया जाएगा।
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