केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री, डॉ. मनसुख मांडविया ने आज राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) के रजत जयंती समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर रसायन, उर्वरक, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री भगवंत खुबा की भी एक अतिथि के रूप में गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस कार्यक्रम में संबोधित करते हुए डॉ. मांडविया ने एनपीपीए को केवल एक नियामक के रूप में नहीं, बल्कि एक सूत्रधार के रूप में अधिक काम करने के लिए बधाई दी। उन्होंने पिछले 25 वर्षों के दौरान दवाओं की उपलब्धता और उनके उचित दाम सुनिश्चित करने में एनपीपीए द्वारा दिए गए उल्लेखनीय योगदान पर प्रकाश डाला।
डॉ. मनसुख मांडविया ने गुणवत्तापूर्ण उत्पादों का उत्पादन करने के लिए भारतीय उद्योगों की भी प्रशंसा की। उन्होंने उद्योग से न केवल व्यावसायिक उद्देश्य के लिए बल्कि लोगों के अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करने के लक्ष्य के साथ नवाचारी अनुसंधान करने का अनुरोध किया।
डॉ. मनसुख मांडविया ने भारतीय फार्मा कंपनियों को सरकार के निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने उद्योगों के लिए पीएलआई 1 और पीएलआई 2 योजनाओं के बारे में भी प्रकाश डाला, जिनसे देश में कई महत्वपूर्ण एपीआई के स्वदेशी विनिर्माण में सहायता मिली है। उन्होंने कोविड संकट के दौरान भारतीय फार्मा कंपनियों के सकारात्मक योगदान का स्मरण करते हुए जनता के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं या उपलब्ध कराने में सरकार और उद्योग के बीच सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला।
भगवंत खुबा ने पिछले 25 वर्षों के दौरान देश और फार्मा क्षेत्र की सफलतापूर्वक सेवा करने के लिए एनपीपीए की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि एनपीपीए उद्योग के हितों को हानि पहुंचाये बिना ही सस्ती दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करता है। उन्होंने यह उम्मीद जाहिर की कि आज दो एप्लिकेशन्स के लॉन्च होने से एनपीपीए आने वाले वर्षों में काम को सुचारू और कुशल तरीके से आगे बढ़ाएगा।
उद्घाटन सत्र में इंटीग्रेटेड फार्मास्युटिकल डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम 2.0 (आईपीडीएमएस 2.0) और फार्मा सही दाम 2.0 ऐप लॉन्च किये गए।
आईपीडीएमएस 2.0 सेंटर फॉर एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डेक) के तकनीकी समर्थन के साथ एनपीपीए द्वारा विकसित एक एकीकृत उत्तरदायी क्लाउड आधारित एप्लिकेशन है। सरकार द्वारा ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर जोर देने के लिए संचालन में अधिकतम तालमेल को बढ़ावा देने की परिकल्पना की गई है क्योंकि यह दवा मूल्य नियंत्रण आदेश (डीपीसीओ), 2013 के तहत अनिवार्य रूप से विभिन्न रूपों को प्रस्तुत करने के लिए एकल विंडो उपलब्ध करायेगा। यह एनपीपीए के पेपर लैस कामकाज को भी सक्षम करेगा और हितधारकों को देश भर से राष्ट्रीय फार्मा मूल्य निर्धारण नियामक से जुड़ने की सुविधा प्रदान करेगा।
फार्मा सही दाम 2.0 ऐप में स्पीच रिकग्निशन, हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्धता; शेयर बटन और बुकमार्किंग दवाइयों जैसे नवीनतम फीचर होंगे। फार्मा सही दाम के इस संस्करण में उपभोक्ता शिकायत प्रबंधन मॉड्यूल के माध्यम से उपभोक्ताओं द्वारा शिकायत करने की भी सुविधा है। यह ऐप आईओएस और एंड्रॉइड दोनों वर्जन में उपलब्ध होगा।
उद्घाटन सत्र में ‘एन ओवरव्यू ऑफ ड्रग प्राइसिंग @ एनपीपीए 25 ईयर ओडिसी’ शीर्षक नामक एक प्रकाशन भी लॉन्च किया गया है। यह प्रकाशन न केवल एनपीपीए की 25 साल की यात्रा की जानकारी देता है बल्कि मूल्य निर्धारण विनियमन पर विशेष जोर देने के साथ-साथ देश में दवा नियामक प्रणाली के विकास के बारे में भी प्रकाश डालता है।
इससे पहले, एनपीपीए के अध्यक्ष कमलेश पंत ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर फार्मास्युटिकल विभाग की सचिव एस. अपर्णा और एनपीपीए के सदस्य सचिव डॉ. विनोद कोतवाल उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम में फार्मास्युटिकल और मेडटेक डिवाइस उद्योग, केंद्रीय और राज्य सरकारों, मूल्य निगरानी और संसाधन इकाइयों, सिविल सोसाइटी, रोगी एडवोकेसी समूहों, फार्मास्युटिकल रिसर्च और शैक्षणिक संस्थानों, थिंक-टैंक के हितधारक और मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
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