केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज यहां कहा कि अवैध खनन, नशा माफिया और गोवंश तस्करों से निपटने के लिए प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान शुरू किया है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से नशीली दवाओं के इस्तेमाल, मवेशियों की तस्करी और अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए चल रहे प्रयासों में सहयोग देने का आह्वान किया।
मंत्री महोदय जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के हीरानगर में सरकारी डिग्री कॉलेज में आयोजित “विकसित भारत के लिए युवाओं को सशक्त बनाने का कार्यक्रम” को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि तस्करों, अवैध खनन करने वालों और आतंकवादियों के मददगारों से निपटने के मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उनका रसूख या राजनीतिक जुड़ाव कुछ भी हो।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, ”जो लोग दूसरों के बच्चों को नशे की ओर धकेल रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि उनके अपने बच्चे बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं, क्योंकि वे उसी समाज में रह रहे हैं, इसलिए वे भी इस खतरे की ओर बढ़ रहे हैं।”
केंद्रीय मंत्री ने कॉलेज प्रशासन से छात्रों और युवाओं के बीच मादक पदार्थों के उपयोग के दुष्प्रभावों को उजागर करने के लिए विशेष कक्षाएं आयोजित करने का आग्रह किया और कहा कि उनके भविष्य की रक्षा की जानी चाहिए, क्योंकि वे आने वाले समय में विकसित भारत के निर्माता होंगे। डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा, ”उनकी ऊर्जा और प्रतिभा को इन अपराधों की वेदी पर बलिदान नहीं किया जा सकता।”
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने समाज के सभी वर्गों से इन अवैध गतिविधियों के खिलाफ़ लड़ाई में अपनी भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने लोगों से ऐसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ़ शपथ लेने और अधिक पारदर्शिता एवं अधिक ईमानदार शासन की शुरुआत करने के उद्देश्य से सरकार के उपायों को मज़बूत करने की भी अपील की।
केंद्रीय मंत्री ने आतंकवादियों और ड्रग डीलरों के बीच सांठगांठ को तोड़ने का आह्वान किया। क्षेत्र में बढ़ती आतंकी घटनाओं से निपटने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में डॉ. सिंह ने बताया कि वीडीजी को मज़बूत किया गया है और उन्हें अत्याधुनिक हथियार मुहैया कराए गए हैं। डॉ. सिंह ने कहा, “रक्षा बलों और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने आतंकवादियों द्वारा पेश की गई चुनौतियों का अधिक प्रभावी तरीके से सामना करने के लिए अपनी रणनीति में बदलाव किया है।”
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने इस बात पर प्रकाश डाला कि मोदी सरकार के पिछले 10 वर्षों में कठुआ जिले में तेज़ी से विकास हुआ है। उन्होंने कहा, “उत्तर भारत के पहले बायो-टेक पार्क जैसी पहली राष्ट्रीय परियोजना के लिए जिले ने एक अनूठी पहचान हासिल की है।” उन्होंने कहा कि यह स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोज़गार के अवसर प्रदान करता है।
इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने दो घंटे से अधिक समय तक जनता दरबार लगाया, जिसमें डॉ. सिंह ने डिप्टी कमिश्नर राकेश मिन्हास के साथ लोगों की शिकायतें और मांगें सुनीं। मौके पर ही बड़ी संख्या में शिकायतों का निपटारा किया गया। मंत्री महोदय ने जिला प्रशासन को जनभागीदारी की भावना के तहत नागरिकों की मांगों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।
भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा… Read More
भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में… Read More
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More
आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment