केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने आज आरएफसीटीएलएआरआर अधिनियम, 2013 के तहत भूमि अधिग्रहण परियोजनाओं में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की रैंकिंग के लिए एमआईएस (प्रबंधन सूचना प्रणाली) पोर्टल की शुरूआत की। (भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्वास में उचित मुआवजे और पारदर्शिता का अधिकार) अधिनियम, 2013)। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने यह भी घोषणा की कि रैंकिंग और प्रदर्शन के अनुसार, शीर्ष 3 राज्यों और शीर्ष 3 जिलों को सम्मानित किया जाएगा।
गिरिराज सिंह ने इसे ‘विकास पोर्टल’ बताते हुए कहा कि यह एमआईएस पोर्टल न केवल डेटा और आंकड़े दिखाएगा बल्कि यह देश में विकास की गति भी दिखाएगा। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल सरकार के गति शक्ति मिशन को गति देने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना का परिणाम है।
देश में परियोजनाओं के कार्यान्वयन में देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए, गिरिराज सिंह ने कहा कि परियोजनाओं के पूरा होने में देरी से परियोजना की लागत बढ़ जाती है और विकास की गति में बाधा आती है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी राज्यों को उपलब्ध रैंकिंग से उनके लिए विकास परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करना आसान होगा। इससे परियोजनाओं की गति बढ़ेगी और अच्छे कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रेरणा मिलेगी।
भूमि संसाधन विभाग ने इस एमआईएस पोर्टल को राज्य/ केद्रशासित प्रदेशों की रैंकिंग के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण के विभिन्न मानकों पर जानकारी प्राप्त करने के लिए विकसित किया है, जो विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण पर संबंधित राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा सूचना देने के लिए एक सॉफ्टवेयर संचालित कार्यक्रम है। पोर्टल को विभाग की एनआईसी टीम द्वारा शून्य लागत के साथ देश में ही विकसित किया गया है। पोर्टल का लिंक larr.dolr.gov.in है।
पहले चरण में, आरएफसीटीएलएआरआर अधिनियम, 2013 के तहत 01.01.2014 से किए गए भूमि अधिग्रहण को रैंकिंग उद्देश्यों के लिए शामिल किया जाएगा और यह एक सतत प्रक्रिया होगी। राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों से प्राप्त सुझावों/प्रतिक्रिया पर विचार किया गया है और रैंकिंग के लिए मानकों में शामिल किया गया है। प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश को कुल 140 में से अंक मिलेंगे। कार्यान्वयन में देरी के लिए नकारात्मक अंक देने का भी प्रावधान है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और साध्वी निरंजन ज्योति ने भी राज्यों को भूमि अधिग्रहण परियोजनाओं के समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने और भारत के विकास में योगदान करने के लिए प्रेरित किया।
भूमि संसाधन विभाग के सचिव अजय टिर्की ने कहा कि यह पोर्टल राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पोर्टल पर डेटा और आंकड़े साझा कर सकते हैं और संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के आधार पर रैकिंग विकसित की जाएगी। पूरी रैंकिंग प्रक्रिया स्वचालित माध्यम पर आधारित है। रैकिंग प्रक्रिया में विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। सचिव ने यह भी कहा कि पोर्टल विभिन्न विभागों के लिए एक व्यापक डेटाबेस के रूप में काम करेगा।
हुकुम चंद मीणा, अपर सचिव, डीओएलआर ने रैंकिंग प्रक्रिया के लिए विभिन्न मापदंडों और पैमानों पर प्रस्तुति दी। सोनमनी बोरा, संयुक्त सचिव, डीओएलआर, उमा कांत, संयुक्त सचिव, डीओएलआर, एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न राज्य सरकारों के अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
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