Categories: News-Headlines

केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी राष्ट्रीय समर स्मारक के रिट्रीट समारोह में शामिल हुए और शहीदों को श्रद्धांजलि दी

केन्‍द्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने आज नई दिल्‍ली में राष्‍ट्रीय समर स्‍मारक में समापन (रिट्रीट) समारोह में भाग लिया और युद्ध में देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले तथा वीरता का विशिष्‍ट प्रदर्शन करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी। श्री रेड्डी ने स्मारक में निकटतम परिजन समारोह को भी देखा, जो हर शाम सूर्यास्त से पहले आयोजित किया जाता है।

जी. किशन रेड्डी ने स्मारक के पूरे परिसर का अवलोकन किया और देश की रक्षा के लिए भारतीय सशस्त्र बलों के ऐतिहासिक युद्धों और लड़ाईयों को दर्शाते हुए भित्ति चित्र भी देखे। जी. किशन रेड्डी ने शहीदों को वर्चुअल रूप से श्रद्धांजलि दी।

समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने सभी से विशेष रूप से युवाओं से कर्तव्य के दौरान वीरगति को प्राप्त शहीदों की स्मृति में बने राष्ट्रीय समर स्मारक को आकर देखने की अपील की। जैसा कि हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, जी. किशन रेड्डी ने आग्रह किया कि सभी राज्यों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को राष्ट्रीय समर स्मारक देखने आना चाहिए, जो हर किसी को देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत कर देता है।

राष्ट्रीय समर संग्रहालय अपने सशस्त्र बलों के लिए एक राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक है। स्मारक हमारे नागरिकों में अपनत्व की भावना, उच्च नैतिक मूल्यों, बलिदान और राष्ट्रीय गौरव की भावना को सुदृढ़ करने में मदद करता है। यह स्मारक स्वतंत्रता के बाद से विभिन्न संघर्षों, संयुक्त राष्ट्र संचालन, मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के दौरान हमारे सैनिकों द्वारा किए गए बलिदान का प्रमाण है। 2019 में अपने उद्घाटन के बाद से, एनडब्ल्यूएम दिल्ली आने वाले नागरिकों और पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय हो गया है।

प्रधानमंत्री ने 25 फरवरी, 2019 को राष्ट्रीय समर स्मारक का उद्घाटन और लोकार्पण किया था। मुख्य स्मारक के अलावा, 21 सैनिकों की आवक्ष प्रतिमाओं के लिए एक समर्पित क्षेत्र है, जिन्हें युद्ध में देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार ‘परम वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया था। स्मारक परिसर, राजपथ और केन्द्रीय परिदृश्य योजना (विस्टा) के मौजूदा विन्यास (लेआउट) और आकार-प्रकार के अनुरूप है। भूनिर्माण और वास्तुकला की सादगी पर जोर देते हुए परिवेश की गंभीरता को बनाए रखा जाता है। मुख्य स्मारक का डिज़ाइन इस बात का उदाहरण है कि कर्तव्य पथ पर एक सैनिक का सर्वोच्च बलिदान न केवल उसे अमर बनाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि एक सैनिक की आत्मा शाश्वत रहती है।

http://nationalwarmemorial.gov.in/

युवा और दर्शकों की बड़ी संख्या तक राष्ट्रीय समर स्मारक की पहुंच बढ़ाने के लिए, राष्ट्रीय समर स्मारक वेबसाइट, मोबाइल ऐप और इंटरएक्टिव स्क्रीन लगाई गई हैं। इनके माध्यम से स्मारक की डिजिटल अपील को बढ़ाया गया है।

एनडब्ल्यूएम वेबसाइट/मोबाइल ऐप युद्ध में वीरगति को प्राप्त सैनिकों के इतिहास, महत्व, अवधारणा और विवरण को प्रदर्शित करता है। वेबसाइट/ऐप में शामिल सुविधाओं में 21 क्षेत्रीय भाषाओं में बहुभाषी बातचीत शामिल है, ताकि पूरे देश के आगंतुकों को इसे समझना आसान हो।

राष्ट्रीय समर स्मारक पर प्रतिदिन सूर्यास्त से पहले एक शहीद के परिजन द्वारा एक दैनिक रिट्रीट समारोह और एक दैनिक एनओके (निकटतम परिजन) समारोह आयोजित किया जाता है। स्मारक देखने के लिए सप्ताह के दिनों में लगभग 6000-8000 तथा सप्ताहांत पर लगभग 15000-20000 आगंतुक आते हैं।

Leave a Comment

Recent Posts

MSME मंत्रालय ने डेटा-ड्रिवन लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए NICDC लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज के साथ एमओयू साइन किया

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने और इस क्षेत्र के लिए… Read More

10 hours ago

सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 55,200 से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी

सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 55,200 से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी है,… Read More

10 hours ago

NLDSL और महाराष्ट्र ने राज्य की रसद व्यवस्था को मजबूत करने और विकसित भारत का समर्थन करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

एनआईसीडीसी लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड (NLDSL) और महाराष्ट्र सरकार ने एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म का… Read More

12 hours ago

परिसीमन का विरोध करने वाले SC/ST सीट बढ़ोतरी के भी विरोधी हैं: गृह मंत्री अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संविधान में परिसीमन के प्रावधान किए गए हैं… Read More

12 hours ago

प्रधानमंत्री ने सांसदों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन के पक्ष में मतदान करने का आग्रह किया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने बताया कि संसद में इस समय नारी शक्ति वंदन अधिनियम में… Read More

16 hours ago

This website uses cookies.