केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज “कृषि और ग्रामीण समृद्धि” पर आयोजित वेबिनार को संबोधित किया। वेबिनार में शिवराज सिंह चौहान ने उपस्थित केन्द्रीय कैबिनेट और राज्यमंत्रियों से नीतियों में निरंतरता, विकसित भारत विज़न, बजट को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारने, कृषि विकास, दलहन उत्पादन और उन्नत बीज सहित कई विषयों पर चर्चा की। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान कल्याण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए हमारी छह सूत्रीय रणनीति है। पहला उत्पादन बढ़ाना, दूसरा उत्पादन की लागत घटाना, तीसरा उत्पादन का ठीक दाम, चौथा नुकसान की भरपाई, पांचवा कृषि का विविधिकरण और छंटवां प्राकृतिक खेती।
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम सभी मिलकर एक ऐसे भारत के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं, जहां किसान समृद्ध और सशक्त बनें। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए लक्ष्य तय है, उसको तेज़ी से जमीन पर उतारकर हमें जल्द परिणाम देना है। देश में अनाज, फल, सब्जियों और दूध का उत्पादन बढ़ा है। सब्जी और फलों की प्रोसेसिंग और बढ़ाना है। भारत केवल अपने लिए अन्न, फल सब्जी ना उगाए, बल्कि दुनिया का फूड बास्केट बन जाए, इस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार भारतीय कृषि को वैश्विक महाशक्ति में बदलने के लिए समर्पित है। विकसित भारत 2047 का उद्देश्य, आत्मनिर्भरता, सतत विकास और किसानों की आय बढ़ाना है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम जो भी नीतियां बनाते हैं, वो किसानों को सशक्त बनाने, उनकी आय बढ़ाने और कृषि के आधुनिकीकरण करने के लिए होती है। केन्द्र सरकार, किसानों के कल्याण, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और समृद्ध ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारा लक्ष्य आधुनिक तकनीक और सतत प्रथाओं को अपनाते हुए भारत के किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है।
शिवराज सिंह चौहान ने वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि हमें मिलकर बजट के सभी प्रस्तावों को नीचे जमीन तक उतारना है। उन्होंने कहा कि इस वेबिनार में जिस गहराई और गंभीरता से विचार किया है, वो बजट में आए प्रस्तावों को जमीन तक उतारने में बहुत सहायक सिद्ध होगा। कई विचार ऐसे भी आए हैं, जो सीधे बजट से सबंधित नहीं है, लेकिन एलाइट सेक्टर से जुड़े हुए हैं और एलाइट सेक्टर कृषि, किसान और ग्रामीण विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि जो वेबिनार में अपनी बात नहीं रख पाए हैं, वो लिखित सुझाव जरूर भेंजे, लिखित सुझावों पर शीघ्रता से विचार कर उन्हें कैसे लागू करें, उस पर काम करेंगे। लिखित सुझावों को और बजट के प्रस्तावों को नीचे जमीन तक लागू करने के लिए हम काम करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि कृषि, ग्रामीण विकास और इससे जुड़े विभागों के मंत्रियों और सचिवों को चार महीने में एक बार बैठक जरूर करनी चाहिए।
कृषि एवं ग्रामीण समृद्धि पर आयोजित वेबीनार में आज मखाना बोर्ड के गठन को लेकर भी विशेषज्ञों के सुझाव आए। मखाना बोर्ड के संबंध में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वेबीनार में आए सुझावों को कैसे जमीन पर लागू करें इसे लेकर भी आगे काम करेंगे। वही शिवराज सिंह चौहान ने मखाना बोर्ड के गठन को लेकर आए सुझावों के लिए मंत्रियों और विशेषज्ञों को धन्यवाद दिया।
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