कर्नाटक सरकार ने अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल को चार हजार 860 करोड़ रुपये का दावा प्रस्तुत किया है। यह दल 195 तालुकों में सूखे की स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के चार दिन के दौरे पर है। दावा रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य को 27 हजार 867 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 39 लाख 74 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि फसल का नुकसान हुआ है। दो हजार 565 करोड़ रुपये मूल्य की एक लाख 82 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र की बागवानी फसल का भी नुकसान हुआ है। पशुधन और अन्य नुकसान के साथ, कुल 30 हजार 432 करोड़ रुपये की हानि होने का अनुमान है।
राज्य ने एनडीआरएफ मानदंडों के तहत चार हजार 860 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्रीय टीम से चर्चा की और उनसे सूखे से प्रभावित किसानों के हितों की रक्षा करने को कहा। उन्होंने बताया कि दक्षिण पश्चिम मानसून राज्य में विफल हो गया है जिससे फसल का नुकसान हुआ है। 90 प्रतिशत जमीन पर बुआई हो चुकी है और 42 लाख हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर खड़ी फसल सूखे के कारण बर्बाद हो गई है। मुख्यमंत्री ने टीम को यह भी बताया कि अगस्त के महीने में, पिछले 122 वर्षों में सबसे कम बारिश हुई है, जिसके परिणामस्वरूप जलाशयों में पानी कम हो गया है। उन्होंने बताया कि पीने के लिए कावेरी नदी के 33 टीएमसी पानी की जरूरत है।
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More
बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More
दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment