Categories: News-Headlines

एपीडा ने बासमती एक्सपोर्ट डेवलपमेंट फाउंडेशन के जरिए बासमती चावल उत्पादकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की शाखा बासमती निर्यात विकास फाउंडेशन (बीईडीएफ) ने निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बासमती चावल की खेती में संलग्न किसानों को जागरूक बनाने के लिए एक अभिनव कदम उठाया है।

इस पहल के एक हिस्से के रूप में, बीईडीएफ ने उत्तर प्रदेश के चावल निर्यातक संघ के सहयोग से उच्च गुणवत्ता वाला बासमती चावल उगाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के अंतर्गत जहांगीरपुर में एक जागरूकता अभियान शुरू किया है।

भारत की आजादी के 75 साल या ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के राष्ट्रव्यापी उत्सव के एक हिस्से के रूप में, बीईडीएफ ने बासमती धान की खेती में रसायनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल के बारे में किसानों को जागरूक करने का एक अभियान चलाया। यह अभियान 16 जुलाई को शुरू किया गया था।

इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को इस बात की जानकारी दी गई कि बासमती चावल की खेती एक भारतीय परंपरा है और इस परंपरा को बनाए रखना एक सामूहिक जिम्मेदारी है क्योंकि वैश्विक बाजार में बासमती चावल की भारी मांग है। किसानों से राज्य के कृषि विभाग के माध्यम से basmati.net पर अपना पंजीकरण कराने का अनुरोध किया गया है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 125 से अधिक किसानों ने इस जागरूकता अभियान में भाग लिया। इस अभियान के दौरान किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली बासमती का उत्पादन करने के लिए सही मात्रा में रसायनों और उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी गई ताकि उन्हें दुनिया में बासमती चावल की मांग बढ़ाने में मदद मिल सके और उनकी आय में बढ़ोतरी हो सके।

एपीडा बीईडीएफ के जरिए बासमती चावल की खेती को बढ़ावा देने में राज्य सरकारों की सहायता करता रहा है।

एपीडा ने उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किसानों को प्रमाणित बीजों के साथ-साथ रासायनिक उर्वरक के वैज्ञानिक उपयोग का भी सुझाव दिया है ताकि बासमती चावल का गुणवत्तापूर्ण उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके जिससे देश से बासमती चावल के निर्यात को और बढ़ावा मिले।

basmati.net को एपीडा द्वारा विकसित किया गया है और इसका उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखला के सभी हितधारकों को बासमती मूल्य श्रृंखला के हिस्से के रूप में उनके द्वारा की गई गतिविधियों का विवरण दर्ज करने के लिए एक साझा मंच प्रदान करना है।

भारत ने 2020-21 में 29,849 करोड़ रुपये (4019 मिलियन अमेरिकी डॉलर) मूल्य का 4.63 मिलियन टन बासमती चावल का निर्यात किया।

एपीडा मूल्य श्रृंखला में मौजूद विभिन्न हितधारकों के सहयोग से चावल के निर्यात को बढ़ावा देता रहा है। सरकार ने एपीडा के तत्वावधान में चावल निर्यात संवर्धन फोरम (आरईपीएफ) की स्थापना की थी। आरईपीएफ में चावल उद्योग, निर्यातकों, एपीडा के अधिकारियों, वाणिज्य मंत्रालय और पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़ और ओडिशा सहित प्रमुख चावल उत्पादक राज्यों के कृषि निदेशकों का प्रतिनिधित्व है।

Leave a Comment

Recent Posts

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More

19 hours ago

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर नजर

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More

22 hours ago

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More

23 hours ago

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत पर

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More

23 hours ago

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग तेज

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More

2 days ago

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को झटका

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को… Read More

2 days ago

This website uses cookies.