एक राष्ट्र एक चुनाव से संबद्ध उच्च स्तरीय समिति (एचएलसी) के अध्यक्ष राम नाथ कोविन्द और समिति के सदस्यों अर्थात् एन.के. सिंह, डॉ. सुभाष कश्यप और संजय कोठारी ने आज देश के कुछ प्रमुख अर्थशास्त्रियों से मुलाकात कर विचार-विमर्श किया। 15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एन.के. सिंह और आईएमएफ के सिस्टमिक डिविजन इश्यूज की प्रमुख डॉ. प्राची मिश्रा द्वारा “मेक्रोइकोनॉमिक्स इम्पैक्ट ऑफ हार्मोनाइजिंग इलेक्ट्रोरल साइकल्स” शीर्षक से सह-लिखित एक पेपर कुछ अर्सा पहले एचएलसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। इस पेपर में बताया गया कि खर्चों के अलावा, दोहराए जाने वाले खर्चों के व्यापक आर्थिक प्रभाव भी होते हैं, जिनमें निवेशकों और अन्य सामाजिक हितधारकों के मन की अनिश्चितता के अलावा जीडीपी वृद्धि, निवेश, विस्तारित सार्वजनिक व्यय, राजकोषीय घाटा, शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधी निष्कर्ष और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल हैं। एचएलसी ने इस पेपर पर विस्तृत चर्चा करने का निर्णय लिया।
उपरोक्त संदर्भ में, प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों की टिप्पणियों और प्रतिक्रियाओं को जानने के लिए दोनों सह-लेखकों ने आज एक विचार-मंथन सत्र में यह पेपर प्रस्तुत किया। इस बैठक में भाग लेने वालों में: प्रोफेसर चेतन घाटे, निदेशक, आर्थिक विकास संस्थान (आईईजी), डॉ. दीपक मिश्रा, निदेशक और मुख्य कार्यकारी भारतीय अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद (आईसीआरआईईआर), प्रोफेसर इंदिरा राजारमन, अनिवासी मानद प्रतिष्ठित फेलो, इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट रिसर्च (आईजीआईडीआर), डॉ. पूनम गुप्ता, महानिदेशक, नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर), डॉ. राकेश मोहन, प्रेसिडेंट एमेरिटस और प्रतिष्ठित फेलो, सेंटर फॉर सोशल एंड इकोनॉमिक प्रोग्रेस (सीएसईपी), संजीव पुरी, नामित अध्यक्ष, सीआईआई; अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, आईटीसी लिमिटेड, डॉ. शमिका रवि, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य, डॉ. सुरजीत एस. भल्ला, भारत, बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका के लिए आईएमएफ के पूर्व कार्यकारी निदेशक, सिद्धार्थ, संपादक, टाइम्स ऑफ इंडिया, वैद्यनाथन अय्यर, संपादक, इंडियन एक्सप्रेस, मारुत सेन गुप्ता, उप महानिदेशक, सीआईआई, अमिता सरकार, उप महानिदेशक, सीआईआई और बिनॉय जॉब, कार्यकारी निदेशक, सीआईआई शामिल रहे।
एचएलसी ने संसद सदस्य और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के साथ भी बातचीत की, जिन्होंने एक साथ चुनाव कराने के बारे में समिति के समक्ष अपनी पार्टी के विचार रखे।
राज्य चुनाव आयुक्तों के साथ परामर्श का क्रम जारी रखते हुए समिति ने गुजरात के राज्य चुनाव आयुक्त संजय प्रसाद से मुलाकात की। प्रसाद ने राज्य विधानसभाओं और लोकसभा के साथ-साथ स्थानीय निकायों के चुनाव कराने के लिए आवश्यक विभिन्न लॉजिस्टिक और विधायी आवश्यकताओं को रेखांकित किया।
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