उदयपुर में राजस्थान सौर वेधशाला में विकसित हाई एनर्जी एल-1 ओर्बिटिंग एक्सरे स्पेक्टरोमीटर-हीलियोस को आदित्य एल-वन उपग्रह में समेकित किया गया है। हीलियोस नई पीढ़ी का स्पेक्ट्रोमीटर है जो सूर्य के कोरोना में गतिशील घटनाओं का अवलोकन करेगा।
आदित्य एल-वन मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो की अत्यधिक प्रतिष्ठित परियोजना है। सूर्य के लिए यह भारत का पहला मिशन है। उदयपुर में बुधवार को आदित्य एल-वन मिशन पर तीन दिन की कार्यशाला सम्पन्न हुई। इस अवसर पर अहमदाबाद भौतिकी अनुसंधान प्रयोगशाला के निदेशक प्रोफेसर अनिल भारद्वाज ने कहा कि हीलियोस और आदित्य में लगे अन्य उपकरण विभिन्न प्रकार के उपयोगी आंकड़े उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से वैज्ञानिक जगत को बहुत लाभ होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी… Read More
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।… Read More
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण से बात कर उनके… Read More
अक्षय तृतीया का त्यौहार आज पूरे देश में मनाया जा रहा है। यह त्यौहार सौभाग्य… Read More
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायक से मुलाकात की।… Read More
सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment