ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने कहा है कि उनका देश अपनी 2015 की परमाणु संधि फिर लागू करने के बारे में विश्व की शक्तियों से बात करने को तैयार है, लेकिन इसके लिए पश्चिमी देशों का दबाव नहीं होना चाहिए। ईरान इसलिए वार्ता करना चाहता है ताकि अमरीका उस पर लगे प्रतिबंध हटा ले।
ईरान में चुनावों के कारण बातचीत में रूकावट आने के बाद अब फ्रांस और जर्मनी ने ईरान से फिर वार्ता करने को कहा है। फ्रांस का कहना है कि ईरान के बढ़ते परमाणु कार्यक्रम को देखते हुए पश्चिमी देशों की चिंता के कारण वार्ता तुरंत फिर शुरू होनी चाहिए।
पिछले महीने जारी संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान ने पहली बार बीस प्रतिशत शुद्धता वाले संशोधित यूरेनियम धातु का उत्पादन किया है। इसी कारण फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने विरोध में आवाज उठायी थी। उधर, ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और उसने संयुक्त राष्ट्र निगरानी एजेंसी को सूचित कर दिया है कि अगर अमरीका उस पर लगे प्रतिबंध हटा ले और संधिवार्ता फिर शुरू करने पर राजी हो तो वह 2015 की संधि से हटकर किये गये कार्यक्रम रोक देगा।
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