ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर कल हुए इस्राएल के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। इस्राएल ने ईरान के सबसे बड़े गैस संयंत्र असलूयेह स्थित साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमला किया। इस घटनाक्रम से जवाबी कार्रवाई और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान की आशंकाएं बढ़ गई हैं।
सऊदी अरब में मिसाइलों को रोके जाने, अल जुबैल में लगी आग और ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर हुए हमलों ने पश्चिम एशिया में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों के लिए जोखिम बढ़ा दिया है और व्यापक क्षेत्रीय अस्थिरता के बारे में चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।
इस बीच, अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर ईरान समझौते और तय समय सीमा से पहले होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमत नहीं होता है तो अमरीका, ईरान के ऊर्जा और परिवहन ढांचे को निशाना बनाकर उसे तबाह कर देगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने एक स्वीकार्य समझौते के लिए भारतीय समय के अनुसार कल सुबह साढ़े पांच बजे तक का समय निर्धारित किया है।
उधर ईरान ने युद्धविराम के अमरीकी प्रस्ताव को खारिज किया है और हमले बंद करने, पुनर्निर्माण सहायता देने और प्रतिबंध हटाने की मांग की है।
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