केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ब्रिटेन (यूके) के बकिंघमशायर के बैलेचले पार्क में ‘आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस सुरक्षा सम्मेलन 2023’ के पहले दिन, आज आरंभिक पूर्ण सत्र को संबोधित किया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भारत के दृष्टिकोण पर बल दिया। राजीव चन्द्रशेखर ने सुरक्षा, भरोसा और दायित्व पर प्रमुख ध्यान देने के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति हमारे देश की प्रतिबद्धता पर बल दिया।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री महोदय ने कहा, “हमने यह सुनिश्चित किया है कि इस तरह के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि हम एक ऐसे युग में प्रौद्योगिकी के भविष्य को साकार करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं जहां यह मानव जाति के लिए अब तक के सबसे रोमांचक अवसरों में से कुछ अवसर प्रस्तुत कर रहा है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कई वर्षों से इस बात की हिमायत की है कि प्रौद्योगिकी का भविष्य, चाहे इसमें नवाचार, साझेदारी, या सभी मानव जाति के लाभ के लिए प्रौद्योगिकी और नवाचार को विनियमित करने के लिए संस्थागत ढांचा शामिल हो और यह सिर्फ एक या दो देशों के बजाय विभिन्न राष्ट्रों के गठबंधन द्वारा संचालित होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी जी का मानना है कि संस्थागत ढांचा कम प्रासंगिक और रणनीतिक स्पष्टता के साथ अधिक टिकाऊ होना चाहिए।”
राजीव चन्द्रशेखर ने अपने अंतर्राष्ट्रीय समकक्षों को अवगत कराया कि भारत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रौद्योगिकी को प्रभावी ढंग से अपनाया है, जिससे देश एक समृद्ध डिजिटल अर्थव्यवस्था में बदल गया है, और देश के नागरिकों के जीवन में बदलाव आया है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस परिवर्तन ने जबरदस्त अवसरों की शुरुआत की है और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से ऐसा करना जारी रहेगा।
केंद्रीय राज्य मंत्री महोदय ने आगे कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जैसा कि हम इसे देखते हैं, भारत की पहले से ही तेज और विस्तारित डिजिटल अर्थव्यवस्था, विकास और शासन का एक गतिशील प्रवर्तक है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे लिए बड़े अवसरों का प्रतिनिधित्व करता है, और हमारे मस्तिष्क में यह स्पष्ट है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या किसी भी उभरती हुई प्रौद्योगिकी से जुड़े किसी भी संभावित नकारात्मक पहलू को कम करने के लिए क्या किया जाना चाहिए। हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को खुलेपन, सुरक्षा, भरोसा और दायित्व की दृष्टि से देखते हैं। एक सरकार के रूप में, हमने सीखा है कि विनियमन से आगे नवाचार को अनुमति देकर, हम आज इंटरनेट पर सोशल मीडिया द्वारा प्रस्तुत ज़हरीली और गलत सूचना के प्रति खुद को खुला रखते हैं। यह स्पष्ट है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संदर्भ में हमें आने वाले वर्षों के लिए यह रास्ता नहीं अपनाना चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग सभी देशों में हमारे सभी नागरिकों की केवल भलाई के लिए, प्रगति और समृद्धि के लिए किया जाना चाहिए।”
‘आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस सुरक्षा सम्मेलन 2023’ में सरकारों, प्रमुख आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस संगठनों, नागरिक समाज संगठनों और अनुसंधान विशेषज्ञों सहित दुनिया भर के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसका उद्देश्य आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस से जुड़े जोखिमों पर विचार-विमर्श करना, विशेष रूप से इसके विकास के अत्याधुनिक स्तर पर और विश्व स्तर पर समन्वित प्रयासों के माध्यम से उनके शमन के लिए रणनीतियों की खोज करना है।
इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, आयरलैंड, इटली, केन्या, सऊदी अरब, नीदरलैंड और दक्षिण कोरिया सहित विभिन्न देशों के मंत्री और प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।
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