अमेरिकी प्रशासन ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि चीन साइबर अपराध गतिविधियों में शामिल है और वह विश्व में बड़े पैमाने पर सरकार प्रायोजित कार्यक्रमों को चला रहा है जिससे लोगों को अरबों डॉलर का नुकसान हो रहा है। नैटो के सभी तीस देशों, यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और जापान ने चीन पर इसके वैश्विक दुष्परिणामों का आरोप लगाया है और इसके लिए अपनी एकजुटता दिखाई है। अमरीका के न्याय विभाग ने चीन के तीन अधिकारियों पर इबोला जैसी गंभीर बीमारी के बारे में जानकारी जुटाने के लिए विश्व प्रणाली को हैक करने का आरोप लगाया है। इस बीमारी के बारे में मिलने वाली जानकारी का इस्तेमाल जैविक युद्ध या कोविड जैसी महामारी उत्पन्न करने में किया जा सकता है। विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि अमरीका और उसके सहयोगी देशों ने औपचारिक रूप से इस बात की पुष्टि की है कि चीन के सुरक्षा मंत्रालय ने साइबर जासूसी गतिविधियों को लेकर माइक्रोसॉफट एक्सचेंज सर्वर के संवेदनशील उपकरणों का इस्तेमाल किया जिसका हजारों कम्प्यूटरों और नेटवर्क पर असर पड़ा। इनमें से ज़्यादातर कम्प्यूटर और नेटवर्क निजी क्षेत्र के थे।
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