संसद ने कल दंड प्रक्रिया पहचान विधेयक, 2022 पारित कर दिया। इस विधेयक में दोषियों और अपराध के मामले में गिरफ्तार लोगों की पहचान करने और उनके बारे में विभिन्न प्रकार का शारीरिक विवरण एकत्र करने का प्रावधान किया गया है। इनमें उंगुली, हथेली और पैरों की छाप, फोटो, आंखों की पुतली, रेटिना और लिखावट के नमूने शामिल हैं।
इसमें राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो को इन सभी जानकारी को संकलित करने और उन्हें संरक्षित रखने का अधिकार देने की भी व्यवस्था की गई है।
गृह मंत्री अमित शाह ने विधेयक पर चर्चा के उत्तर में कहा कि इससे अपराधिक मामलों के सबूत एकत्र करने में मदद मिलेगी और जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी।
अमित शाह ने सदन को आश्वस्त किया कि यह विधेयक किसी की निजता या मानवाधिकारों का उल्लंघन नहीं करता।
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