भारत में विनिर्माण उच्च-वृद्धि वाले क्षेत्रों में से एक के रूप में उभरा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को विश्व मानचित्र पर एक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने और भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम आरंभ किया।
भारत सरकार की राष्ट्रीय विनिर्माण नीति जैसी पहलों के माध्यम से भारत धीरे-धीरे उद्योग 4.0 की राह पर आगे बढ़ रहा है और स्कूली छात्रों को आज उपयोग की जाने वाली नवीनतम प्रौद्योगिकियों तथा विनिर्माण प्रक्रियाओं के अनुकूल बनाना महत्वपूर्ण है। उच्च शैक्षणिक संस्थानों में औद्योगिक दौरे हमेशा शैक्षणिक पाठ्यक्रम का एक अनिवार्य हिस्सा रहे हैं और इस पहल के माध्यम से अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) तथा बायर का लक्ष्य छात्रों को उद्योग में उपयोग की जाने वाली नवीनतम विनिर्माण तकनीकों और प्रौद्योगिकियों से परिचित कराना होगा।
अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) ने बायर के सहयोग से आज गुजरात के वापी में बायर के विनिर्माण सुविधा केंद्र में अटल टिंकरिंग लैब्स के तहत एक अनूठी उद्योग यात्रा पहल शुरू की।
छात्रों को आधुनिक फैक्ट्रियों का अनुभव प्रदान कराने के पीछे के औचित्य की व्याख्या करते हुए नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन के मिशन निदेशक डॉ. चिंतन वैष्णव ने कहा कि विनिर्माण नीति को बढ़ावा देने और इसकी क्षमता को प्राप्त करने के लिए आम लोगों में जागरूकता लाना महत्वपूर्ण है। बायर के साथ यह पहल अटल टिंकरिंग लैब्स में विनिर्माण के प्रति युवा सोच को बढ़ावा देने में मदद करेगी। इससे भारत को आर्थिक वैश्विक महाशक्ति बनने की दिशा में छोटे-छोटे कदम उठाने में मदद मिलेगी।
बायर ने अटल इनोवेशन मिशन की विभिन्न पहलों की सहायता करने के लिए 2021 से नीति आयोग के साथ साझेदारी की है। विज्ञान-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने और मजबूत करने के लिए, बायर ने सात राज्यों में कुल 125 एटीएल स्कूलों को अपनाया है। बाद के चरण में अपनाए गए 50 स्कूल केवल लड़कियों के ही हैं जो विविधता और समावेशन तथा महिलाओं को सशक्त बनाने की बायर की प्रतिबद्धता से जुड़े हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में, बायर ने अपने कार्यान्वयन भागीदारों के साथ साझेदारी में एटीएल पाठ्यक्रम पर लगभग 150 एटीएल समन्वयकों को भी प्रशिक्षित किया है। कक्षा 6 से 12 तक के 20,000 से अधिक छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए नवोन्मेषी समाधान डिजाइन करने और उसका निर्माण करने के लिए प्रायोगिक एवं सरल प्रौद्योगिकियों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है।
एआईएम द्वारा छात्रों को उद्योग अनुभव प्रदान करने के एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम शुरू करने के साथ, बायर इस कार्यक्रम में अग्रणी उद्योग भागीदार बनने के लिए एआईएम के साथ मिलकर काम कर रही है। बायर ने एटीएल छात्रों के लिए वापी, शमीरपेट, चंडीप्पा और बैंगलोर में अपने विनिर्माण एवं उत्पादन संयंत्र तथा अनुसंधान केंद्र खोले हैं जिससे कि उन्हें यह अनुभव मिल सके कि उद्योग द्वारा प्रौद्योगिकी, ऑटोमेशन और नवोन्मेष का लाभ कैसे उठाया जाता है।
छात्रों द्वारा फैक्ट्री के दौरे पर टिप्पणी करते हुए, बायर साउथ एशिया के कम्युनिकेशंस, पब्लिक अफेयर्स, सस्टेनेबिलिटी और सीएसई के कंट्री ग्रुप हेड रचना पांडा ने कहा कि बायर ने 125 से अधिक वर्षों से भारत की विकास यात्रा में भागीदारी की है और निरंतर प्रौद्योगिकीय नवोन्मेषों के माध्यम से किसानों की आय, खाद्य सुरक्षा और लाखों भारतीयों के लिए स्वास्थ्य देखभाल सुविधा में तेज वृद्धि सुनिश्चित की है। एक ऐसी कंपनी के रूप में, जो हमारे जीवन को बेहतर बनाने के लिए विज्ञान का उपयोग करने में दृढ़ता से विश्वास रखती है, अटल इनोवेशन मिशन पर नीति आयोग के साथ बायर का सहयोग हमारे युवाओं में नवोन्मेषण और उद्यमशीलता की संस्कृति का निर्माण करने तथा बढ़ावा देने का एक प्रयास है। इस साझेदारी में अगले कदम के रूप में, बायर अब छात्रों को अपनी विश्व स्तरीय विनिर्माण सुविधा केन्द्र को देखने और अनुभव करने के लिए आमंत्रित कर रही है। वापी में विनिर्माण संयंत्र इस अद्भुत पहल को आरंभ करने के लिए एक उपयुक्त स्थान है, क्योंकि यह संयंत्र न केवल “मेक इन इंडिया” के लोकाचार का प्रतीक है, बल्कि विश्व स्तर पर बायर के प्रचालन का गौरवपूर्ण आपूर्तिकर्ता भी है। यह वास्तव में ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ है।
21वीं सदी को छात्रों के सीखने की प्रक्रियाओं में आमूल-चूल और किफायती बदलाव की आवश्यकता है। प्रत्येक दिन, उद्योग द्वारा नई प्रौद्योगीकीय युक्तियां भविष्य के लिए तैयार निर्माताओं का सृजन करने के लिए शिक्षा प्रणाली को चुनौती देती हैं। अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) कार्यक्रम एक राष्ट्रीय आंदोलन बन गया है जो भारत के शैक्षणिक इकोसिस्टम में क्रांति ला रहा है क्योंकि इसके लक्ष्य और विजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) के साथ सुंदर तरीके से जुड़े हुए हैं।
शैक्षिक दौरों के माध्यम से परस्पर शिक्षण के लिए प्रयत्नशील औद्योगिक दौरों के शुभारंभ में गुजरात की एटीएल छात्र टीमों की सहभागिता देखी गई। बच्चों ने बायर-वापी संयंत्र का दौरा किया और ऐसी पहल के बारे में उत्साह व्यक्त किया जो सैद्धांतिक शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव के बीच बढ़ते अंतर को पाटने में मदद करेगी। सत्र में बहुत सारे छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया। बायर के साथ वापी में आरंभ की गई शैक्षिक औद्योगिक यात्राओं की पहली श्रृंखला के साथ, एआईएम छात्रों को विश्व स्तरीय विनिर्माण ढांचों का अनुभव प्रदान करने और उन्हें उद्योगों में उपयोग की जाने वाली नवीनतम विनिर्माण तकनीकों एवं प्रौद्योगिकियों से परिचित कराने के लिए देश भर में इन यात्राओं का संचालन करना जारी रखेगा।
अन्नामलाई BJP छोड़ेंगे? नई पार्टी बनाने की अटकलों के बीच दिल्ली पहुंचे पूर्व तमिलनाडु BJP… Read More
वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में मौका कब?' दिग्गज क्रिकेटर ने BCCI पर उठाए सवाल… Read More
YouTube यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट! नए फीचर्स और पॉलिसी बदलावों से बदल सकता है… Read More
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत केरल में नशीले पदार्थों के खिलाफ… Read More
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता… Read More
दुल्हन की आंख खुली तो सीने पर था पायलट पति का शव, शादी के कुछ… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment