विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर कश्मीर मुद्दे को उठाने के लिए पाकिस्तान की भर्त्सना की है और कहा है कि वह अपने ही क्षेत्र में अल्पसंख्यकों को उत्पीडि़त करने की कार्रवाईयों की अनदेखी कर रहा है। आज कजाकिस्तान में आस्ताना में एशियाई देशों के बीच आदान-प्रदान और विश्वास निर्माण के उपायों से सम्बद्ध छठे शिखर सम्मेलन में दिये गये बयान में मीनाक्षी लेखी ने कहा कि ये दुर्भाग्य है कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ दुष्प्रचार और सदस्य देशों के बीच विचारों के आदान-प्रदान और सहयोग के विषय से भटकाने के लिए सीआईसीए मंच का दुरूपयोग कर रहा है।
मीनाक्षी लेखी ने अपने बयान में कहा कि केन्द्रशासित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है और आगे भी अभिन्न अंग बना रहेगा, और भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का उसे कोई अधिकार नहीं है। उनका कहना था कि पाकिस्तान का यह रवैया सीआईसीए के सदस्य देशों के बीच 1999 में हुई घोषणा के बिलकुल विपरित है।
विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद का वैश्विक केन्द्र बना हुआ है और वह भारत सहित अन्य देशों में भी आतंकवादी गतिविधियों का जरिया बना हुआ है। मीनाक्षी लेखी ने कहा कि पाकिस्तान को भारत के खिलाफ सीमापार आतंकवाद को तुरंत रोक देना चाहिए और आतंकवाद गतिविधियां बन्द कर देनी चाहिए।
