विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि किर्गिज गणराज्य के विदेश मंत्री रुसलान कजाकबायेव के साथ उनकी सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक बातचीत हुई है। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष उच्च प्रभाव वाली सामुदायिक परियोजनाओं को निष्पादित करने पर सहमत हुए। दोनों नेताओं ने भारतीय छात्रों की शीघ्र यात्रा अनुमति दिए जाने और उदार वीजा व्यवस्था की आवश्यकता पर चर्चा की।
विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत और किर्गिज गणराज्य का अफगानिस्तान में विकास के प्रति एकसमान दृष्टिकोण है।
विदेश मंत्री किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति से भी मिलेंगे। इस यात्रा के दौरान कुछ समझौतों पर भी हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। वे कजाकिस्तान में नूर-सुल्तान में एशिया में बातचीत और विश्वास बहाली के सम्मेलन की छठी मंत्रिस्तरीय बैठक में भी भाग लेंगे।
विदेश मंत्री मंगलवार और बुधवार को आर्मेनिया जाएंगे। भारत के किसी विदेश मंत्री का स्वतंत्र आर्मेनिया का यह पहला दौरा होगा।