भारत में जम्मू-कश्मीर के विलय का दिवस आज

भारत में जम्मू-कश्मीर के विलय का दिवस आज

भारत में जम्मू-कश्मीर के विलय का दिवस आज केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में मनाया जा रहा है। 26 अक्तूबर 1947 को जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन राजा हरि सिंह ने भारत का हिस्सा बनने के लिए विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इस अवसर पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2020 से आज के दिन सार्वजनिक अवकाश रहता है।

पाकिस्तान की सेना और कबायलियों के हमले के बाद महाराजा हरि सिंह ने भारतीय सेना की मदद मांगी थी। भारत सरकार ने इस शर्त पर मदद दी थी कि वे जम्मू-कश्मीर का विलय भारत में कर देंगे।

साल के 10वें महीने की 26 तारीख देश के ऐतिहासिक और भौगोलिक स्वरूप के निर्धारण में बहुत खास है। यह उन दिनों की बात है, जब 1947 में बंटवारे की आंच अभी ठंडी भी नहीं हुई थी। हर तरफ अफरा-तफरी और अनिश्चितता का माहौल था और ऐसे में हमसाया देश आक्रामक हो उठा और बंटवारे के बाद अस्तित्व में आए पाकिस्तान ने कश्मीर पर हमला कर दिया। परिस्थितियों को देखते हुए कश्मीर के राजा हरि सिंह ने 26 अक्टूबर, 1947 को अपने राज्य को भारत में मिलाने का फैसला किया। इस आशय के समझौते पर हस्ताक्षर होते ही भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर पहुंचकर हमलावर पड़ोसी की सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस लड़ाई में कश्मीर का कुछ हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में चला गया। कश्मीर आज तक दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी की वजह बना हुआ है।

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