नागपुर-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारे से जुड़ी महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी
भारतमाला परियोजना के तहत विकसित हैदराबाद-विशाखापत्तनम कॉरिडोर से जुड़ी सड़क परियोजना का लोकार्पण किया
प्रमुख तेल और गैस पाइपलाइन परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया
हैदराबाद (काचीगुडा) – रायचूर – हैदराबाद (काचीगुडा) ट्रेन सेवा को झंडी दिखाकर रवाना किया
तेलंगाना के हल्दी किसानों के लाभ के लिए केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के गठन की घोषणा की
आर्थिक गलियारा हनमकोंडा, महबूबाबाद, वारंगल और खम्मम जिलों के युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगा
नए सम्मक्का-सरक्का केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय पर 900 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज महबूबनगर, तेलंगाना में 13,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। विकास परियोजनाएँ सड़क, रेल, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा उच्च शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक ट्रेन सेवा को भी झंडी दिखाकर रवाना किया।
देश भर में आधुनिक सड़क अवसंरचना के विकास से संबंधित प्रधानमंत्री के विज़न को साकार करने के एक कदम के रूप में, कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। प्रधानमंत्री ने प्रमुख सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जो नागपुर-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारे का हिस्सा हैं। परियोजनाओं में शामिल हैं – एनएच-163जी के ‘वारंगल से खम्मम खंड तक 108 किमी लंबा चार-लेन पहुंच नियंत्रित ग्रीनफील्ड राजमार्ग और एनएच-163जी के खम्मम से विजयवाड़ा खंड तक 90 किमी लंबा ‘चार-लेन पहुंच नियंत्रित ग्रीनफील्ड राजमार्ग। ये सड़क परियोजनाएं लगभग 6400 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएंगी। परियोजनाओं से वारंगल और खम्मम के बीच दूरी लगभग 14 किमी कम हो जाएगी और खम्मम और विजयवाड़ा के बीच भी दूरी में लगभग 27 किमी की कमी आयेगी।
प्रधानमंत्री ने एक सड़क परियोजना का लोकार्पण किया – ‘एनएच-365बीबी पर 59 किमी लंबा व चार लेन वाला सूर्यापेट- खम्मम खंड। लगभग 2,460 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित, यह परियोजना हैदराबाद-विशाखापत्तनम कॉरिडोर का एक हिस्सा है और इसे भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किया गया है। यह सड़क परियोजना खम्मम जिले और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों को बेहतर सड़क परिवहन सुविधा भी प्रदान करेगी।
कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने ’37 किलोमीटर लम्बी जक्लैर – कृष्णा नई रेलवे लाइन’ का लोकार्पण किया। 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित, नयी रेल लाइन पहली बार नारायणपेट जिले के पिछड़े क्षेत्रों को रेल सुविधा से जोड़ती है। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कृष्णा स्टेशन से हैदराबाद (काचीगुडा) – रायचूर – हैदराबाद (काचीगुडा) ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई। ट्रेन सेवा तेलंगाना के हैदराबाद, रंगारेड्डी, महबूबनगर और नारायणपेट जिलों को कर्नाटक के रायचूर जिले से जोड़ेगी। यह सेवा महबूबनगर और नारायणपेट जिलों के पिछड़े क्षेत्रों को पहली बार रेल सुविधा प्रदान करेगी, जिससे क्षेत्र के छात्रों, दैनिक यात्रियों, श्रमिकों और स्थानीय हथकरघा उद्योग को लाभ होगा।
देश भर में लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार से जुड़े प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप, कार्यक्रम के दौरान महत्वपूर्ण तेल और गैस पाइपलाइन परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। प्रधानमंत्री ने ‘हसन-चेरलापल्ली एलपीजी पाइपलाइन परियोजना’ राष्ट्र को समर्पित की। लगभग 2170 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित, कर्नाटक के हसन से चेरलापल्ली (हैदराबाद का उपनगर) तक एलपीजी पाइपलाइन, क्षेत्र में एलपीजी परिवहन और वितरण का एक सुरक्षित, लागत प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल माध्यम प्रदान करती है। उन्होंने कृष्णापट्टनम से हैदराबाद (मलकापुर) तक ‘भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की बहु-उत्पाद पेट्रोलियम पाइपलाइन’ की आधारशिला भी रखी। 425 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन 1940 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की जाएगी। यह पाइपलाइन क्षेत्र में पेट्रोलियम उत्पादों का एक सुरक्षित, तेज, कुशल और पर्यावरण-अनुकूल उपाय की सुविधा प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री ने ‘हैदराबाद विश्वविद्यालय की पांच नई इमारतों’ यानि स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स; स्कूल ऑफ मैथमेटिक्स एंड स्टेटिस्टिक्स; स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज; व्याख्यान कक्ष परिसर – III और सरोजिनी नायडू स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड कम्युनिकेशन (एनेक्सी) का भी उद्घाटन किया। हैदराबाद विश्वविद्यालय में अवसंरचना-उन्नयन, छात्रों तथा शिक्षकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक और कदम है।