प्रधानमंत्री मोदी आज राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्‍य में आज शिक्षा क्षेत्र में अनेक नए सुधारों का शुभारंभ करेंगे

प्रधानमंत्री मोदी आज राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्‍य में आज शिक्षा क्षेत्र में अनेक नए सुधारों का शुभारंभ करेंगे

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्‍य में आज शिक्षा क्षेत्र में अनेक नए सुधारों का शुभारंभ करेंगे। वे वीडियो कांफ्रेंस के जरिए देशभर के शिक्षा और कौशल विकास क्षेत्र से जुड़े नीति निर्धारकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री उच्‍च शिक्षा के विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम में शामिल होने और अलग होने की बहुविकल्‍प प्रणाली एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का भी शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में पहले वर्ष क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई कराने की योजना और उच्‍च शिक्षा के अंतर्राष्‍ट्रीयकरण के दिशा-निर्देश भी जारी करेंगे। प्रधानमंत्री पहली कक्षा के विद्यार्थियों को स्‍कूली शिक्षा के लिए तैयार करने के तीन महीने के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्या प्रवेश, माध्‍यमिक स्‍तर पर सां‍केतिक भाषा को विषय के रूप में शामिल करने, राष्‍ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की ओर से डिजाइन किए गए शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम निष्‍ठा, केन्‍द्रीय माध्‍यमिक शिक्षा बोर्ड- सीबीएसई के स्‍कूलों में तीसरी, पांचवी और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों की दक्षता के आंकलन का कार्यक्रम सफल और कम्‍प्‍यूटर आधारित ज्ञान की विशेष वेबसाइट जैसी योजनाओं का भी शुभारंभ करेंगे।

इस कार्यक्रम के दौरान राष्‍ट्रीय डिजिटल शिक्षा ढांचा और राष्‍ट्रीय शिक्षा प्रौद्योगिकी फोरम के लिए शुरूआत की जाएगी। राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने की दिशा में यह महत्‍वपूर्ण पहल है। इससे शिक्षा क्षेत्र को अधिक जीवन्‍त और सुगम बनाने में मदद मिलेगी। यह शिक्षा नीति शिक्षा को समग्र बनाने और आत्‍मनिर्भर भारत के लिए मजबूत नींव बनाने के लिए मार्गदर्शन का काम करेगी। यह 21वीं सदी की पहली शिक्षा नीति है जिसने 34 साल पुरानी राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 1986 की जगह ली है। यह नई शिक्षा नीति सतत विकास 2030 के एजेंडा के अनुकूल है। इसका उद्देश्‍य 21वीं सदी के जरूरतों के अनुकूल स्‍कूल और कॉलेज की शिक्षा को समग्र बनाने के साथ साथ भारत को ज्ञान की वैश्विक महाशक्ति में बदलना है। इसके अलावा प्रत्‍येक छात्र में निहित अद्वितीय क्षमताओं को भी सामने लाना है।

केन्‍द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्‍द्र प्रधान भी इस अवसर पर उपस्थित होंगे।

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