नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हेलीकॉप्टर मार्गों के लिए विशेष रूप से तैयार उड़ान 5.1 की शुरूआत की

क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) – उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान) के चार सफल दौरों के बाद और पांचवें दौर के संस्करण 5.0 के प्रक्रिया में होने के साथ, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने देश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को और बढ़ाने के लिए उड़ान 5.1 की शुरूआत की है और हेलीकाप्टरों के माध्यम से अंतिम मील कनेक्‍टीविटी हासिल की है।

आरसीएस-उड़ान के तहत पहली बार इस दौर को विशेष रूप से हेलीकॉप्टर मार्गों के लिए तैयार किया गया है।

मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं:

ऑपरेटरों के लिए संचालन के दायरे में वृद्धि जिसमें योजना अब उन मार्गों की अनुमति देगी जहां मूल या गंतव्य स्थानों में से एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। पहले दोनों बिंदुओं को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में होना था।

यात्रियों के लिए हेलीकाप्टरों में उड़ान को अधिक किफायती बनाने के लिए विमान किराया सीमा को 25 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है।

एवार्डेड रूट के संचालन के लिए वित्तीय व्यवहार्यता बढ़ाने के लिए एकल और दो इंजन वाले दोनों हेलीकाप्टरों के लिए ऑपरेटरों के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) सीमा में काफी वृद्धि की गई है।

“उड़ान योजना का नवीनतम दौर भारतीय नागरिक उड्डयन में दो उभरती हुई घटनाओं का वसीयतनामा है – पहला, अंतिम-मील कनेक्‍टीविटी पर ध्यान देने के साथ हवाई यात्रा का गहरा लोकतंत्रीकरण। दूसरा, पर्यटन में सहायता के लिए हेलीकॉप्टरों के प्रति बढ़ती रूचि। इस तरह के प्रयासों से हेलीकॉप्टरों के और अधिक प्रवेश से पर्यटन, अतिथि सत्‍कार को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी और इस प्रकार हमारी स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा मिलेगा। केन्‍द्रीय नागरिक विमानन और इस्‍पात मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा, ‘‘उड़ान 5.1 न केवल नागरिक उड्डयन के लिए नया सवेरा है, बल्कि यह भारत के सुदूरवर्ती और असेवित क्षेत्रों के लिए भी एक नई सुबह का सूत्रपात करती है।”

योजना का वर्तमान संस्करण हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों सहित सभी हितधारकों के साथ परामर्श के बाद तैयार किया गया है। जबकि भावी लक्ष्य अंतिम-मील कनेक्टिविटी प्रदान करना है, भारतीय नागरिक उड्डयन उद्योग के हेलीकॉप्टर खंड को बेहद प्रोत्‍साहित करना भी प्रस्‍तावित है।

यह उल्लेख किया जा सकता है कि अब तक योजना के पिछले दौर के तहत 46 हेलीकॉप्टर मार्गों का संचालन किया जा चुका है, जिससे कई पहाड़ी और पूर्वोत्‍तर राज्य लाभान्वित हो रहे हैं और यह दौर बहुत बड़ी संख्या में मार्गों के कवरेज को लक्षित कर रहा है।

उड़ान योजना के तहत यात्रियों को हवाई संपर्क का लाभ मिला है, एयरलाइनों को क्षेत्रीय मार्गों के संचालन के लिए रियायतें मिली हैं, और सेवा से वंचित क्षेत्रों को उनके आर्थिक विकास के लिए हवाई संपर्क का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिला है। योजना का वर्तमान संस्करण आम आदमी को सस्ते किराए पर देश के सुदूरवर्ती स्‍थानों की हवाई यात्रा करने की अनुमति देने की माननीय प्रधानमंत्री की कल्‍पना की दिशा में एक और कदम होगा।

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