कैबिनेट ने 1939 करोड़ रुपये परिव्यय के साथ अरुणाचल प्रदेश के शि योमी जिले में 240 मेगावाट की हीओ जलविद्युत परियोजना के निर्माण हेतू निवेश प्रस्ताव को स्वीकृति दी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने अरुणाचल प्रदेश के शि योमी जिले में हीओ जलविद्युत परियोजना (एचईपी) के निर्माण के लिए 1939 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दे दी है। परियोजना के पूरा होने का अनुमानित समय 50 महीने है।

240 मेगावाट (3×80 मेगावाट) की स्थापित क्षमता वाली यह परियोजना 1000 मिलियन यूनिट (एमयू) ऊर्जा का उत्पादन करेगी। परियोजना से उत्पादित बिजली अरुणाचल प्रदेश राज्य में बिजली आपूर्ति की स्थिति को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय ग्रिड को संतुलित करने में भी सहायता प्रदान करेगी।

परियोजना का क्रियान्वयन नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (नीपको) और अरुणाचल प्रदेश सरकार के बीच एक संयुक्त उद्यम कंपनी के माध्यम से किया जाएगा। भारत सरकार राज्य की इक्विटी हिस्सेदारी के लिए 130.43 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता के अलावा सक्षम बुनियादी ढांचे के तहत सड़कों, पुलों और संबंधित ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण के लिए बजटीय सहायता के रूप में 127.28 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे।

राज्य को 12 प्रतिशतनिःशुल्क बिजली और स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एलएडीएफ) से 1 प्रतिशत का लाभ मिलेगा, इसके साथ ही इस परियोजना से क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में सुधार और सामाजिक-आर्थिक विकास भी होगा।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के लक्ष्यों और उद्देश्यों के अनुरूप यह परियोजना स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं/उद्यमों/एमएसएमई को विभिन्न लाभ प्रदान करेगी। निर्माण चरण के दौरान, परियोजना को नीपको से लगभग 200 कर्मियों और अनुबंधकर्ता से लगभग 400 श्रमिकों की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, परियोजना अपने निष्पादन के दौरान विभिन्न छोटे अनुबंधों और सेवाओं के माध्यम से स्थानीय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरो का भी सृजन करेगी। इससे परियोजना संचालन और रखरखाव के दौरान भी रोजगारों का सृजन होगा। इसके अलावा, इसके विकास से परिवहन, पर्यटन, लघु-स्तरीय व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगे।

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