एफएओ सम्मेलन के 42वें सत्र में सभी महानुभावों को बधाई। मैं आशा और कामना करता हूं कि आप, आपका परिवार और आपके देशों के नागरिक सुरक्षित हैं और कोविड-19 महामारी के इस कठिन वक्त में बेहतर रूप से कार्य कर रहे हैं।
कोविड-19 महामारी के कारण वर्चुअल रूप से आयोजित हो रहे एफएओ सम्मेलन के 42वें सत्र में भागीदारी से प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। भारत एफएओ का संस्थापक सदस्य है और इसकी स्थापना के बाद से भारत ने विभिन्न वैधानिक निकायों और समितियों के अध्यक्ष और सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
16 अक्टूबर 2020 को मानवता की सेवा के 75 गौरवशाली वर्ष पूर्ण करने के लिए मैं खाद्य और कृषि संगठन को बधाई देना चाहता हूं। भारत और एफएओ के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को मनाने के लिए, भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने एक विशेष 75 रुपये का स्मारक सिक्का जो अपने प्रयोजन “सही पोषण देश रोशन” में कृषि उत्पादन और पोषण के विषयों को सम्मलित रूप से शामिल करता है और जिसका अर्थ है “सही पोषण होने पर देश रोशन होगा”।
भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के सहयोग से एफएओ इंडिया द्वारा तैयार किया गया राष्ट्र कार्यक्रम प्रारूप हमारी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है और इसमें एक बहु-क्षेत्रीय दृष्टिकोण की बेहद जरूरी आवश्यकता भी शामिल है।
एफएओ को भारत के विशाल ज्ञान भंडार से लाभ मिला है जिसे सदस्य देशों के बीच विश्व स्तर पर साझा किया जाता है। भारत एफएओ के साथ मुख्य रूप से फॉल आर्मी वर्म और रेगिस्तानी टिड्डी जैसे सीमा-पार से आने वाले कीटों की स्थितियों से निपटने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता को बढ़ाते हुए सहायता प्रदान करने की दिशा में करीबी समन्वय के साथ कार्य कर रहा है । 2023 को अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष के रूप में घोषित करने के लिए दालों के अंतर्राष्ट्रीय वर्ष के तौर पर घोषित करने के लिए मैं भारतीय प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए एफएओ के समर्थन को स्वीकार करता हूं। इसे 2016 में मनाया गया था।
भारत में स्वतंत्रता के बाद कृषि सफलता की प्रमुख गाथाओं में से एक रही है। हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, नील क्रांति के साथ-साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली और किसानों के लिए मूल्य समर्थन प्रणाली दुनिया में अद्वितीय हैं।
यह नीति निर्माताओं की दूरदृष्टि, हमारे कृषि वैज्ञानिकों की बुद्धिमता और हमारे किसानों के श्रम का परिणाम है कि भारत खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर है। भारत कई कृषि वस्तुओं का एक प्रमुख उत्पादक या दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।
कृषि हमेशा भारत के लिए एक उच्च प्राथमिकता रही है और भारत सरकार हमेशा किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
कोविड-19 महामारी ने इस क्षेत्र को और महत्वपूर्ण स्थिति में ला दिया है। भारत कृषि के क्षेत्र में अपने जबरदस्त विकास प्रक्षेपवक्र के साथ अन्य विकासशील देशों की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करना और क्षमताओं का निर्माण करना जारी रखेगा।
मैं संतोष के साथ यह उल्लेख कर सकता हूं कि भारत में कृषि क्षेत्र ने गंभीर कोविड-19 महामारी के दौरान भी अच्छा प्रदर्शन किया और 305 मिलियन टन खाद्यान्न का सर्वकालिक उच्च उत्पादन दर्ज किया साथ ही उनके निर्यात ने वैश्विक खाद्य सुरक्षा में योगदान दिया।
2020 की शुरुआत में दुर्बल करने वाली कोविड-19 महामारी का सामना करते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने विभिन्न मोर्चों पर त्वरित कार्यवाही की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लॉकडाउन के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों से खेती व्यवस्था प्रभावित न हो।
भारत सरकार की इन पहलों ने फसलों की समय पर बुवाई, कृषि आदानों की उपलब्धता और फसलों की उचित कटाई और खरीद को सुनिश्चित किया।
इस अवधि के दौरान, किसानों और उपभोक्ताओं के लाभ के लिए भारतीय कृषि में सकारात्मक परिवर्तन के लिए कृषि विपणन को उदार बनाने के लिए महत्वपूर्ण नीतिगत और विधायी निर्णय लिए गए।
प्रशीतन सुविधाओं के साथ विशेष पार्सल ट्रेनों “किसान रेल” को भारतीय रेलवे द्वारा उत्पादन केंद्रों से बड़े शहरी बाजारों तक आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए शुरू किया गया था, जिससे उत्पादकों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए एक लाभदायक स्थिति बनाई जा सकी।
कोविड महामारी के दौरान हमारे कार्मिकों की स्थिति में सुधार लाने और उन्हें राहत प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने “प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज” का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत 81 करोड़ हितग्राहियों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया और अब मई माह में इस योजना को और आगे बढ़ा दिया गया है, जिसका लाभ श्रमिकों को नवम्बर तक मिलेगा।
किसानों को आय सहायता प्रदान करने के लिए “पीएम किसान” योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 1,37,000 करोड़ रुपये से अधिक भेजे गए हैं।
मान्यवरों, भारत जलवायु परिवर्तन संधियों के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं के प्रति सचेत है और जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने और जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी कदम उठा रहा है। भारत ने जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों के लिए कृषि को लचीला बनाने के लिए तकनीकों के विकास, प्रदर्शन और प्रसार के लिए राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन के तहत विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ किया हैं। भारत व्यापक पैमाने पर जैविक खेती को बढ़ावा दे रहा है।
मुझे विश्वास है कि कृषि उत्पादकता में सुधार, भूख और कुपोषण को समाप्त करने के लिए सभी सदस्य देशों के साथ एफएओ के अथक प्रयास दुनिया को सुरक्षित और स्वस्थ आवास स्थल बनाने की दिशा में एक दीर्घकालीन मार्ग तय करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि संसद में इस समय नारी शक्ति वंदन अधिनियम में… Read More
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री… Read More
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीकार किया कि महत्वपूर्ण… Read More
सरकार ने अधिसूचित किया है कि टाटा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा गुजरात के धोलेरा… Read More
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का फोन आया। बातचीत के दौरान,… Read More
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने में… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment