केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा है कि प्रस्तावित समान नागरिक संहिता का ध्येय संविधान निर्माताओं द्वारा सभी के लिए न्याय उपलब्ध कराना था। अलूवा में आज संवाददाताओं से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य रीति-रिवाजों को समान करना नहीं है। उन्होने कहा कि लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है कि इसके लागू होने से निकाह के माध्यम से शादी नहीं कराई जा सकेगी।
आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि पडोसी राज्य तमिलनाडु के राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में उन्हें बहुत जानकारी नहीं है लेकिन जो लोग समाज में रहते हैं उन्हें किसी प्रकार के संदेह में नहीं पडना चाहिए।
राज्य विधानसभा द्वारा केरल विश्वविदयालय संशोधन विधेयक पारित किये जाने के मुद्दे पर राज्यपाल ने कहा कि इस बारे में वे कानूनी सलाह ले रहे हैं। इस विधेयक में राज्यपाल को विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति पद से हटाने की व्यवस्था है।
आज विश्व धरोहर दिवस है। यह दिन सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत की विविधता, संवेदनशीलता और… Read More
ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (बेसिल) ने उन्नत प्रौद्योगिकियों, डिजिटल परिवर्तन और क्षमता विकास के… Read More
केंद्र सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण और राहतभरा निर्णय लेते हुए उत्तर… Read More
अमेरिका ने रूस से पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने संबंधी, छूट को एक महीने के लिए बढ़ा… Read More
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कृषि क्षेत्र की वर्तमान स्थिति तथा आगामी… Read More
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने घरेलू बीमा पूल के निर्माण… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment