जिन लोगों को 10 वर्ष पहले आधार जारी किया गया थाऔर उसके बाद के वर्षों में उन्होंने उसे कभी भी अपडेट नहीं कराया है, ऐसे आधार नंबर धारकों को अपने दस्तावेज़ अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
लोग सहायक दस्तावेज (पहचान और पते का प्रमाण) ऑनलाइन या माईआधार पोर्टल में अपलोड करके अथवा नजदीकी आधार केन्द्र पर जाकर अपने आधार को अपडेट कर सकते हैं।
पिछले एक दशक के दौरान, आधार संख्या भारत के निवासियों की पहचान के सार्वभौमिक रूप से स्वीकृत प्रमाण के रूप में उभरी है। केन्द्र सरकार द्वारा संचालित 319 योजनाओं सहित 1100 से अधिक सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के तहत सेवाओं के वितरण के लिए आधार आधारित पहचान का उपयोग किया जाता है।
साथ ही अनेक वित्तीय संस्थान जैसे बैंक, एनबीएफसी, आदि ग्राहकों को प्रमाणित करने और ऑनबोर्ड करने के लिए आधार का उपयोग करते हैं।
यह निवासियों के हित में है कि वे अपने आधार को पहचान के वर्तमान प्रमाण और पते के प्रमाण के साथ अपडेट करें।
आधार में दस्तावेजों को अपडेट करने से जीवन को सुगम बनाने, बेहतर सेवा वितरण में मदद मिलती है, और सटीक प्रमाणीकरण होता है। यूआईडीएआई ने निवासियों को हमेशा अपने दस्तावेज़ों को अपडेट रखने के लिए प्रोत्साहित किया है, और 09 नवम्बर 2022 को अधिसूचित आधार (नामांकन और अपडेट) (दसवां संशोधन) विनियम इस दिशा में एक और कदम था।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) एक बार फिर निवासियों से आधार डेटाबेस में जानकारी की निरंतर सटीकता के लिए अपने दस्तावेज़ों को अपडेट करने का आग्रह और प्रोत्साहित करता है।
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