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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कार्मिक प्रशासन और शासन सुधारों के नवीनीकरण पर भारत और गाम्बिया गणराज्य के बीच हुए समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग तथा गाम्बिया गणराज्य के राष्ट्रपतिकार्यालय के तहत लोक सेवा आयोग के बीच कार्मिक प्रशासन और शासन सुधारों के नवीनीकरण पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने को मंजूरी दे दी है।

प्रभाव: समझौता ज्ञापन दोनों देशों के कार्मिक प्रशासन को समझने में मदद करेगा और कुछ सर्वोत्तम प्रथाओं और प्रक्रियाओं को अपनाने, अनुकूल बनाने और नवाचार के माध्यम से शासन प्रणाली में सुधार करने में सक्षम होगा।

वित्तीय प्रभाव: इस समझौता ज्ञापन के कार्यान्वयन में प्रत्येक देश,अपना खर्च वहन करेगा। व्यय की वास्तविक राशि, समझौता ज्ञापन के तहत होने वाली गतिविधियों पर निर्भर करेगी।

विवरण: इस समझौता ज्ञापन के तहत सहयोग के निम्न क्षेत्रशामिल होंगे, लेकिन सहयोग केवल इन्हीं क्षेत्रों तक सीमितनहीं होगा:

सरकार में प्रदर्शन प्रबंधन प्रणाली में सुधार।
अंशदायी पेंशन योजना का कार्यान्वयन।
सरकारी भर्ती के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया (ई-भर्ती)।

समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य कार्मिक प्रशासन और शासन सुधार के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना और बढ़ावा देना है, क्योंकि इससे भारत सरकार की एजेंसियों और गाम्बिया गणराज्य की एजेंसियों के बीच आपसी बातचीत में सुविधा होगी। इसके अलावा, गाम्बिया; सरकार में प्रदर्शन प्रबंधन प्रणाली में सुधार, अंशदायी पेंशन योजना के कार्यान्वयन और सरकारी भर्ती के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत के साथ जुड़ने का इच्छुक है।

गाम्बिया गणराज्य के साथ समझौता ज्ञापन, कार्मिक प्रशासन और शासन सुधारों के नवीनीकरण पर दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए एक कानूनी ढांचा प्रदान करेगा, ताकि कार्मिक प्रशासन और शासन सुधार के क्षेत्र में प्रशासनिक अनुभवों को सीखने, साझा करने और आदान-प्रदान करके शासन की मौजूदा प्रणाली में सुधार किया जा सके तथा जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता की मज़बूत भावना पैदा हो सके।

भारत सरकार ने देश भर में सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिएव्यापक व प्रभावी बदलाव का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसका उद्देश्य कार्मिक प्रशासन व शासन सुधार के लिए सरकार के प्रयासों को आगे बढ़ाना है, जो ‘न्यूनतम सरकार के साथ अधिकतम शासन’ के संदर्भ में प्रासंगिक है।

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