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श्रम और रोजगार मंत्रालय और यूनिसेफ के बीच आशय के वक्तव्य पर हस्ताक्षर किए

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार ने कहा है कि भारत बेहतर अवसरों के लिए स्थायी, दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के माध्यम से महिलाओं और कमजोर वर्ग के लोगों सहित सभी युवाओं के लिए रोजगार परिणामों में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा और रोजगार के बीच सेतु को बेहतर बनाने और युवाओं को काम के भविष्य के लिए तैयार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। युवाओं के उत्थान के लिए कौशल विकास, रोजगार सृजन और उद्यमिता कार्यक्रमों के माध्यम से अनेक नीतियां और योजनाएं प्रारंभ की गई हैं।

आज यहां श्रम और रोजगार मंत्रालय और यूनिसेफ के बीच आशय के वक्तव्य पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद उन्होंने कहा कि मंत्रालय, यूनिसेफ और संबद्ध नेटवर्क सदस्यों की शक्ति का लाभ उठाते हुए हम आशा करते हैं कि देश के भविष्य में योगदान और देश के भविष्य को स्वरूप देने के लिए हमारी युवा पीढ़ी को काफी विकल्प मिल सकेंगे। हमारे युवाओं को प्रासंगिक कौशल और मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए मंत्रालय और यूनिसेफ के बीच साझेदारी के विचार की सराहना करते हुए संतोष गंगवार ने कहा कि यह सहयोग नीति निर्माताओं सहित युवाओं और अन्य हितधारकों के बीच प्रत्यक्ष संवाद और फीडबैक व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए एक प्रारंभिक बिंदु है।

संतोष गंगवार ने कहा कि भारत युवाओं का देश है। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में हर पांचवां व्यक्ति एक युवा (15-24 साल) है। उन्होंने कहा कि 2015 में लॉन्च की गई नेशनल करियर सर्विस (एनसीएस) युवाओं के रोजगार औरकरियर की जरूरतों को पूरा करती है। इसमें रोजगार से जुड़ी कई तरह की सेवाएं जैसे करियर काउंसलिंग, वोकेशनल गाइडेंस, स्किल डेवलपमेंट कोर्सेज की जानकारी, अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप आदि प्रदान की दी गई हैं।

श्रम और रोजगार राज्य मंत्री ने बताया कि एनसीएस द्वारा कोविड-19 और इसके परिणामस्वरूप अर्थव्यवस्था के लॉकडाउन के कारण श्रम बाजार में चुनौतियों को कम करने के लिए कई पहल की गई हैं। रोजगार चाहने वालों और नियोक्ताओं के बीच की खाई को पाटने के लिए ऑनलाइन जॉब मेला का आयोजन किया जा रहा है, जहां जॉब पोस्टिंग से लेकर उम्मीदवार के चयन तक का पूरा चक्र पोर्टल पर पूरा किया जा सकता है। ऐसी नौकरियों के लिए नौकरी चाहने वालों तक सीधी पहुंच देने के लिए एनसीएस पोर्टल पर वर्क फ्रॉम होम जॉब्स और ऑनलाइन ट्रेनिंग से काम के लिए एक विशेष लिंक बनाया गया है। एनसीएस पर ये सभी सुविधाएं निशुल्क हैं।

संतोष गंगवार ने आशा व्यक्त की कि अगले तीन वर्षों में यूनिसेफ और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय दोनों ही सहयोग और भारतीय युवाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्रों में बड़ी उपलब्धि हासिल करेंगे ताकि भविष्य का सामना आत्मविश्वास के साथ किया जा सके।

इस अवसर पर सचिव (श्रम एवं रोजगार) अपूर्व चंद्रा, विशेष सचिव (श्रम एवं रोजगार) एवं डीजीई अनुराधा प्रसाद, यूनिसेफ की कंट्री प्रतिनिधि डॉ. यास्मीन अली हक और मंत्रालय तथा यूनिसेफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बच्चों के लिए परिणाम देने के अपने मिशन से प्रेरित होकर, यूनिसेफ अपने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के साझीदारों के साथ भारत में साझेदारी के रूप में युवाह, जेनरेशन अनलिमिटेड (संक्षेप में जेनयू) स्थापित करने के उद्देश्य से आया है। जेनयू एक वैश्विक बहु- हितधारक प्लेटफार्म है। इसका उद्देश्य युवाओं को उत्पादक कार्य और सक्रिय नागरिकता में संक्रमण के लिए तैयार करना है। भारत में, 2030 तक युवाह का उद्देश्य निम्नलिखित को सुनिश्चित करना हैः-

(ए) 100 मिलियन युवाओं के लिए आकांक्षी आर्थिक अवसरों के लिए रास्ते बनाना

(बी) उत्पादक जीवन और कार्य के भविष्य के लिए प्रासंगिक कौशल प्राप्त करने में 200 मिलियन युवाओं को सुविधा प्रदान करनाऔर

(सी) चेंजमेकर के रूप में 300 मिलियन युवाओं के साथ साझेदारी करना और उनके नेतृत्व विकास के लिए स्थान बनाना।

आशय वक्तव्य का उद्देश्य श्रम और रोजगार मंत्रालय तथा यूनिसेफ के बीच सहयोग के लिए एक प्लेटफार्म प्रदान करना है ताकि चुनिंदा राज्यों में दोनों पक्षों की मौजूदा मुख्यधारा की पहलों का लाभ उठा कर भारत में किशोरों और युवाओं के लिए रोजगार और कौशल की चुनौतियों से निपटा जा सके, विशेष जरूरतों वाले युवाओं सहित कमजोर आबादी, देखभाल करने वाले संस्थानों को छोड़ने वाले युवा, प्रवासी युवा, बाल श्रम,हिंसा, बाल विवाह के शिकार और तस्करी तथा इस तरह के अन्य मामलों पर फोकस के साथ।सहयोग के क्षेत्रों में शामिल हैं:-

1. आकांक्षापूर्ण आर्थिक अवसरों के साथ संबंध बनाना यानी युवा लोगों को रोजगार के अवसरों से जोड़ना, जिसमें उन्हें रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता, अप्रेंटिशशिप और इंटर्नशिप से जोड़ने के लिए रास्ते बनाना शामिल है। इसके लिए स्केल और पहुंच को अधिकतम करने के लिए नवाचारी समाधान और टेक्नोलॉजी प्लेटफार्मों को लगाया जाएगा।

2. जीवन कौशल, वित्तीय कौशल, डिजिटल कौशल, व्यवसाय कौशल तथा ऑनलाइन और ऑफलाइन चैनलों के माध्यम से मूलभूत कौशल सहित 21वीं शताब्दी के कौशल पर युवाओं के कौशल को ऊपर ऊठाना तथा उनके उत्पादक जीवन और काम के भविष्य के लिए स्वयं सीखने के माध्यम से उनका समर्थन करना।

3. निम्नलिखित क्षेत्रों में शामिल होने के लिए भागीदारों का गठबंधन बनाकर राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) को मजबूत बनानाः

(ए) युवाह नेटवर्कों के माध्यम से रोजगार चाहने वालों और नियोक्ताओं के बीच एनसीएस को बढ़ावा देना

(बी) सफल उद्यमियों और पेशेवरों द्वारा करियर मार्गदर्शन सत्र या वीडियोया दोनों का एकीकरण करना

(सी) एनसीएस पोर्टल पर क्षेत्रों और नौकरी की भूमिकाओं से संबंधित करियर की जानकारी अद्यतन करना।

(डी) युवाओं को नौकरी की तैयारी के लिए ई-लर्निंग पाठ्यक्रमों का एकीकरण

(ई)नौकरी की तत्परता पर मॉडल करियर केंद्रों और रोजगार कार्यालयों के लिए मूल्य संवर्धन की खोज, जैसे डी2एक्स (डाइरेक्ट टू रोजगार कार्यालय) कक्षाएं

(एफ) रोजगार चाहने वालों के साथ जुड़ने के लिए एनसीएस पोर्टल के साथ एकीकरण। श्रम और रोजगार मंत्रालय नौकरी चाहने वालों से जुड़ने के लिए युवाह को आवश्यक एपीआई इंटरफेस प्रदान कर सकता है। श्रम और रोजगार मंत्रालयपार्टनर संस्थान इंस्टीट्यूशन (युवाह) के साथ एनसीएस पोर्टल की विभिन्न श्रेणियों के तहत उम्मीदवारों के आवश्यक एकीकरण और डेटा बेस के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान कर सकता है

(जी) करियर काउंसलिंग और व्यावसायिक मार्गदर्शन यानी करियर काउंसलर और मॉडल करियर सेंटर का नेटवर्क एनसीएस का अभिन्न घटक है। योग्य परामर्शदाताओं को एनसीएस के पैनल में रखा जाता है और करियर काउंसलिंग, व्यावसायिक मार्गदर्शन, कौशल अंतर विश्लेषण, नौकरी मेलों का आयोजन और अन्य मामलों लिए 200 से अधिक मॉडल करियर सेंटर स्थापित किए गए हैं।

(एच) बेहतर नौकरी मिलान के लिए एनसीएस पोर्टल पर पंजीकृत रोजगार चाहने वालों का आकलन करने के लिए समाधानों की पहचान करना।

4. नौकरी की भविष्यवाणी में अंतराल की खोज करके समर्थन देना और इस भविष्यवाणी की दिशा में काम करना कि कौन क्षेत्र या नौकरी अर्थव्यवस्था को मजबूत या कमजोर बना रहे हैं, कौशल के लिए आवश्यकताओं पर फोकस के लिए लिंकेज बनाना।

5. प्रत्यक्ष संवाद का समर्थन करना और युवाओं और नीति हितधारकों के बीच एक फीडबैक व्यवस्था बनाना यह सुनिश्चित करने की दिशा में है कि योजनाएं और कार्यक्रम युवा लोगों की प्राथमिकताओं और आकांक्षाओं (ऑनलाइन यूरिपोर्ट और युवा नेतृत्व वाले बहु-हितधारक परामर्शों के माध्यम से) के अनुरूप हैं।

Dheeru Bhargav

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