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SECI ने 500 एमडब्ल्यू/1000 MWh स्टैंडअलोन बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली के लिए निविदा जारी की

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तत्वावधान में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम भारतीय सौर ऊर्जा निगम लिमिटेड (सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड- एसईसीआई) ने भारत में 500 एमडब्ल्यू/1000 एमडब्ल्यूएच स्टैंडअलोन बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम – बीईएसएस) स्थापित करने के लिए टेंडर जारी किया है। देश में अपनी तरह की यह पहली निविदा है। इससे बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को “ऑन-डिमांड” आधार पर उपयोग की जाने वाली भंडारण सुविधाएं प्रदान की जाएगी।

यह निविदा मार्च 2022 में बिजली मंत्रालय द्वारा जारी मानक बोली दिशा-निर्देशों के तहत जारी की गई है। आरएफएस के तहत स्थापित की जाने वाली कुल क्षमता 1000 एमडब्ल्यूएच (500 मेगावाट x 2 घंटे) है, जो 500 एमडब्ल्यूएच (250 मेगावाट x 2 घंटे) क्षमता की दो परियोजनाओं का गठन करेगी। इन परियोजनाओं को राजस्थान राज्य में आईएसटीएस नेटवर्क के फतेहगढ़-III ग्रिड-सबस्टेशन के आसपास स्थापित किया जाएगा। ख़रीदने वाली संस्थाओं को उनकी ऊर्जा स्थानांतरण आवश्यकताओं के अनुसार, आरई पावर के माध्यम से दैनिक रूप से चार्ज और डिस्चार्ज करने के लिए भंडारण क्षमता की पेशकश की जाएगी।

प्रोजेक्ट डेवलपर के दायरे में संपर्कता (कनेक्टिविटी) और आवश्यक अनुमतियों के साथ परियोजनाओं को “बिल्ड-ओन-ऑपरेट” आधार पर स्थापित किया जाएगा। परियोजनाओं के लिए जरूरी जमीन डेवलपर्स को उपयोग के अधिकार के आधार पर सीटीयू द्वारा प्रदान की जाएगी। एसईसीआई इस निविदा की कार्यान्वयन एजेंसी है और क्रय करने वाली संस्थाओं की ओर से एक ट्रेडिंग मार्जिन के रूप में एक सुविधा शुल्क चार्ज करते हुए क्षमता की खरीद करेगी।

इस निविदा की एक अनूठी विशेषता क्षमता उठाव की संरचना है। निविदा के तहत स्थापित की जाने वाली कुल क्षमता में से 60% क्षमता को खरीद संस्थाओं की ओर से एसईसीआई लेगी और 40% क्षमता का उठाव डेवलपर्स की जिम्मेदारी होगी, चाहे वो तीसरे पक्ष के माध्यम से करे या बाजार बिक्री के जरिए। इस प्रकार, इस निविदा के माध्यम से, सरकार ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में बाजार के विकास के लिए पर्याप्त सहायता प्रदान करेगी। एसईसीआई द्वारा ली गई 60% क्षमता में से 30% एनएलडीसी, पीओएसओसीओ द्वारा ग्रिड सहायक सेवाओं के लिए उपयोग करने के लिए निर्धारित की जाएगी।

बीईएसएस को डेवलपर्स प्रति दिन 2 परिचालन चक्रों के लिए उपलब्ध कराएगा, अर्थात प्रति दिन 2 पूर्ण चार्ज-डिस्चार्ज चक्र। दोनों परियोजनाओं को वार्षिक आधार पर 95% की न्यूनतम उपलब्धता, 85% मासिक की न्यूनतम राउंड-ट्रिप क्षमता, और उपरोक्त मानदंडों को पूरा करने में कमी के मामले में निर्धारित उपयुक्त निर्णीत हर्जाना का प्रदर्शन करना आवश्यक है। बैटरी ऊर्जा भंडारण खरीद समझौता (बैटरी एनर्जी स्टोरेज परचेज एग्रीमेंट – बीईएसपीए) पर हस्ताक्षर करने की तारीख से 18 महीने की अनुसूचित कमीशन तिथि के साथ परियोजनाओं की अवधि 12 वर्ष होगी। बीईएसपीए पर हस्ताक्षर करने के 12 महीनों के भीतर वित्तीय समापन का काम पूरा कर लिया जाना है।

यह निविदा राष्ट्रीय ग्रिड में नवीकरणीय ऊर्जा (आरई) की बढ़ती हिस्सेदारी को प्राप्त करने के हिस्से के रूप में 4000 मेगावाट बैटरी भंडारण क्षमता स्थापित करने के सरकार के तत्काल लक्ष्य की पहली कोशिश को चिह्नित करती है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए)/ बिजली मंत्रालय (एमओपी) ने 2029-30 के लिए अधिकतम उत्पादन क्षमता मिश्रण पर एक रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार, 27,000 एमडब्ल्यू / 108,000 एमडब्ल्यूएच (4 घंटे के भंडारण) की बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता का को अनुमान है जो 2029-30 में स्थापित क्षमता का हिस्सा होगा।

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