भारत की कोचिंग-संरचना को मजबूत करने वाले एक बड़े कदम के रूप में, भारतीय खेल प्राधिकरण, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार ने 21 खेलों के लिए विभिन्न स्तरों पर 398 कोच की नियुक्ति के प्रस्ताव दिए हैं। कुल 398 में से कई पूर्व अंतर्राष्ट्रीय एथलीट और अर्जुन पुरस्कार विजेता हैं, जिन्होंने विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसी विशिष्ट प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं या स्पर्धा की है। कुल 398 में से 101 कोच पीएसयू और अन्य सरकारी निकायों से प्रतिनियुक्ति पर शामिल हो रहे हैं।
यह भर्ती, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा एथलीटों को समग्र (360 डिग्री) सहायता प्रदान करने के प्रयास के तहत की गयी है, क्योंकि वे ओलंपिक 2024, 2028 समेत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे हैं। केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, “मुझे खुशी है कि कई पूर्व एथलीटों ने, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिस्पर्धा की है और पदक जीते हैं, इन पदों के लिए आवेदन किया है और वे चयनित भी हुए हैं। उनके (पूर्व अंतर्राष्ट्रीय एथलीट) प्रणाली में शामिल होने का मतलब यह होगा कि खेल में एथलीटों को प्रशिक्षण देने के अलावा, वे उन्हें मानसिक दृढ़ता के लिए प्रशिक्षित करने में सक्षम होंगे, जो विश्व स्तर की प्रतिस्पर्धा में सफलता की कुंजी मानी जाती है।”
कोच और सहायक कोच के इस नए बैच में कई प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं। इनमें पद्म श्री एवं अर्जुन पुरस्कार विजेता बजरंग लाल ठक्कर हैं, जो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता रहे हैं और नौकायन (रोइंग) कोच के रूप में शामिल हुए हैं। शिल्पी श्योराण, जिन्होंने 2011 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता है और कुश्ती में सहायक कोच के रूप में शामिल हुई हैं। ओलंपियन जिन्सी फिलिप एथलेटिक्स कोच के रूप में शामिल हुई हैं। विभिन्न प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कई पदक जीत चुकी प्रणामिका बोरा मुक्केबाजी कोच के रूप में शामिल हुई हैं। अपने नए कार्यभार के बारे में बात करते हुए अर्जुन पुरस्कार विजेता बजरंग लाल ठक्कर ने कहा, “खासकर एक ऐसे समय में जब नौकायन की अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के पास एक प्रभाव छोड़ने का एक सुनहरा मौका है, एक कोच के रूप में खेल जगत में योगदान करने का मौका देने के लिए मैं भारतीय खेल प्राधिकरण का आभारी हूं। मैं एशियाई खेलों के लिए नौकायन टीम को प्रशिक्षण दे रहा हूं और मुझे विश्वास है कि अधिक से अधिक स्पर्धाओं में एथलीटों को उतार कर हम आगामी एशियाई खेलों में देश की पदक तालिका में बढ़ोतरी कर सकेंगे।” अनुराग ठक्कर ने कहा कि जगतपुरा और एलेप्पी स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, जहां वाटर स्पोर्ट्स के प्रशिक्षण से संबंधित विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं, की वजह से भारत में वाटर स्पोर्ट्स को एक अतिरिक्त प्रोत्साहन मिला है।
इन पदों के लिए चुने गए लोगों में चार अर्जुन पुरस्कार विजेता, एक ध्यानचंद पुरस्कार विजेता और एक द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के भूतपूर्व एथलीटों के अलावा, एनएसएनआईएस पटियाला या किसी मान्यता प्राप्त भारतीय या विदेशी विश्वविद्यालय से खेल प्रशिक्षण (स्पोर्ट्स कोचिंग) में डिप्लोमा प्राप्त अभ्यर्थियों को भी चुना गया है। भारतीय खेल प्राधिकरण के कई कोच, जो पहले अनुबंध पर थे और जिनका अनुबंध समाप्त हो गया था, को उनकी पात्रता के अनुसार सेवा में वापस नियुक्त किया गया है।
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत केरल में नशीले पदार्थों के खिलाफ… Read More
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता… Read More
दुल्हन की आंख खुली तो सीने पर था पायलट पति का शव, शादी के कुछ… Read More
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा (IPB) से लगे… Read More
कटरीना की जिंदगी में आ गए 'गजपति कुलपति', कनेक्शन जानकर होगी हैरानी, फैमिली टाइम में… Read More
JEE Advanced 2026 Result: रिजल्ट, रैंक और कटऑफ को लेकर बड़ी अपडेट देश की सबसे… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment