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REC लिमिटेड ने नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी ग्रीनको को 1,440 MW स्टैंडअलोन पंप स्टोरेज परियोजना स्थापित करने के लिए 6,075 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान किया

ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) लिमिटेड ने नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी ग्रीनको को 1,440 मेगावाट स्टैंडअलोन पंप स्टोरेज परियोजना स्थापित करने के लिए 6,075 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान किया है।

देश की प्रमुख गैर बैंकिंग वित्तीय संस्था (एनबीएफसी)-इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी (आईएफसी) भी ग्रीनको के साथ उन्नत चरण की चर्चा में सम्मिलित है और कई स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता देने के लिए तैयार हैं। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की राष्ट्रीय विद्युत योजना का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2022 और वित्त वर्ष 2032 के बीच समग्र नवीकरणीय स्थापित क्षमता में लगभग 4 गुना (सौर ऊर्जा के अंतर्गत लगभग 7 गुना, पंप भंडारण परियोजना के तहत लगभग 5.5 गुना, पवन ऊर्जा के अंतर्गत लगभग 3 गुना) वृद्धि होगी। ये अनुमान, वैश्विक रुझान और नवीकरणीय ऊर्जा के अंतर्गत राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के साथ मिलकर, न केवल ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) के लिए एक व्यावसायिक अवसर प्रस्तुत करेंगे, बल्कि कंपनी को हरित वित्तपोषण क्षेत्र का नेतृत्व करके राष्ट्र निर्माण में योगदान करने की दिशा में भी अग्रसर करेंगे।

ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) ने इससे पहले जुलाई 2023 में भारत की जी-20 अध्यक्षता के अवसर पर हरित वित्तपोषण शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी, जहां ग्रामीण विद्युतीकरण डेवलपर्स के साथ आमने-सामने की चर्चा आयोजित की गई थी, जिससे कुल मिलाकर 2.86 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने में सफलता प्राप्त हुई थी। ये प्रमुख उपलब्धि वाले समझौते हरित वित्तपोषण समाधान की सुविधा में ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) की महत्वपूर्ण भूमिका को प्रदर्शित करते हैं और भारत के टिकाऊ और स्वच्छ ऊर्जा में परिवर्तन के लिए एक प्रमुख वित्तपोषण भागीदार के रूप में इसकी स्थिति को मजबूत करते हैं।

एक महारत्न कंपनी, ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) लिमिटेड ने देश के सीओपी-26 दायित्वों और हाल के जी-20 उपक्रमों के साथ अपने प्रयासों को सुसंगत बनाते हुए, भारत के ऊर्जा परिवर्तन को आगे बढ़ाने में खुद को अग्रणी के रूप में स्थापित किया है। ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) एक दृढ़ दृष्टिकोण और अटल समर्पण के साथ मजबूती से वित्तीय वर्ष 2030 तक कुल 3 लाख करोड़ रुपये का हरित वित्तपोषण ऋण पोर्टफोलियो प्राप्त करने की राह पर अग्रसर है।

ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) लिमिटेड एक गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) है जो पूरे भारत में विद्युत क्षेत्र के वित्तपोषण और विकास पर ध्यान केंद्रित करती है। वर्ष 1969 में स्थापित ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) लिमिटेड ने अपने परिचालन के क्षेत्र में 54 वर्ष से अधिक का समय पूरा कर लिया है। यह संपूर्ण विद्युत-क्षेत्र मूल्य श्रृंखला को; उत्पादन, पारेषण एवं वितरण और नवीकरणीय ऊर्जा सहित विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है। हाल ही में, ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) ने हवाई अड्डों, मेट्रो रेल, रेलवे, बंदरगाहों, पुलों आदि जैसे क्षेत्रों को सम्मिलित करने के लिए गैर-विद्युत बुनियादी ढांचे और सहायता क्षेत्र में भी विविधता प्रस्तुत की है।

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