Categories: News-Headlines

RBI ने रेपो रेट को और 50 आधार अंक बढ़ाकर 5.9 प्रतिशत किया; GDP 7 प्रतिशत रहने का अनुमान

रेपो रेट को और 50 आधार अंक बढ़ाकर 5.9 प्रतिशत किया गया

रेपो दर, जिस दर पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को धनराशि उधार देता है, उसमें फिर से 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी की गई है। मौजूदा प्रतिकूल वैश्विक वातावरण, घरेलू आर्थिक गतिविधियों में सहनीयता व उच्च मुद्रास्फीति स्तर को ध्यान में रखते हुए, आरबीआई ने नीतिगत रेपो दर को 50 आधार अंक बढ़ाकर 5.40 प्रतिशत कर दिया है।

परिणामस्वरूप, स्थायी जमा सुविधा (एसडीएफ) दर 5.65 प्रतिशत पर और सीमांत स्थायी सुविधा (एमएसएफ) दर व बैंक दर 6.15 प्रतिशत पर समायोजित हो गई है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति ने सुविधा की वापसी पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया है, ताकि मुद्रास्फीति लक्ष्य की सीमा में बनी रहे तथा विकास को समर्थन मिलता रहे।

आरबीआई गवर्नर ने निम्न चार अतिरिक्त उपायों की एक श्रृंखला की घोषणा की:

1. बैंकों द्वारा ऋण-हानि के प्रावधान के लिए संभावित हानि-आधारित दृष्टिकोण पर परिचर्चा पत्र जारी किया जाएगा

बैंक वर्तमान में व्यय-हानि दृष्टिकोण का पालन करते हैं, जहां प्रावधान वास्तव में संकट के होने के बाद किए जाते हैं, इसे एक अधिक विवेकपूर्ण दृष्टिकोण से प्रतिस्थापित किया जाएगा, जिसके लिए बैंकों को संभावित हानि के आकलन के आधार पर प्रावधान तैयार करने की आवश्यकता होगी।

2. संकटग्रस्त परिसंपत्ति फ्रेमवर्क (एसएसएएफ) के प्रतिभूतिकरण पर परिचर्चा पत्र जारी किया जायेगा

संकटग्रस्त परिसंपत्तियों के प्रतिभूतिकरण के लिए संशोधित फ्रेमवर्क सितंबर 2021 में जारी किया गया था, अब संकटग्रस्त परिसंपत्तियों के प्रतिभूतिकरण के लिए एक फ्रेमवर्क पेश करने का निर्णय लिया गया है, यह मौजूदा एआरसी मार्ग के अलावा एनपीए के प्रतिभूतिकरण के लिए वैकल्पिक तंत्र प्रदान करेगा।

3. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के ग्राहकों के लिए इंटरनेट बैंकिंग सुविधा

आरआरबी को वर्तमान में ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग सुविधा प्रदान करने की अनुमति है – जो कुछ मानदंडों को पूरा करने के अधीन हैं – ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग का प्रसार किया जा सके, इन मानदंडों को युक्तिसंगत बनाया जा रहा है, संशोधित दिशानिर्देश अलग से जारी किए जायेंगे।

4. ऑफलाइन पेमेंट एग्रीगेटर्स का विनियमन

ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर्स (पीए) को मार्च 2020 से आरबीआई नियमों के दायरे में लाया गया है। अब इन नियमों को ऑफ़लाइन पीए तक विस्तारित करने का प्रस्ताव है, जो निकटता/आमने-सामने लेनदेन को संभालते हैं। इस उपाय से डेटा मानकों पर नियामक आधारित तालमेल और समन्वय होने की उम्मीद है।

विकास दर – 2022-23 के लिए 7.0 प्रतिशत

गवर्नर ने कहा कि 2022-23 के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए केंद्रीय बैंक का विकास अनुमान 7.0 प्रतिशत है, विकास दर दूसरी तिमाही में 6.3 प्रतिशत; तीसरी तिमाही में 4.6 प्रतिशत और चौथी तिमाही 2022-23 में 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिनमें जोखिम व्यापक रूप से संतुलित हैं।

2023-24 की पहली तिमाही के लिए विकास दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद भारत में आर्थिक गतिविधियां की स्थिति स्थिर बनी हुई है। उन्होंने कहा, “इस साल की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी उम्मीद से कम रही, लेकिन यह प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में शायद सबसे ज्यादा है।”

मुद्रा स्फ़ीति

आरबीआई गवर्नर ने कहा, अगस्त में मुद्रास्फीति बढ़कर 7.0 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 6.7 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी घरेलू मुद्रास्फीति को प्रभावित कर रहे हैं।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मौद्रिक नीति को नीतिगत दरों और तरलता की स्थिति पर अपनी तय की गयी व सटीक कार्रवाई को आगे बढ़ाना होगा, जो मुद्रास्फीति में हो रही वृद्धि को ध्यान में रखता हो। उन्होंने कहा कि इसे सतर्क और फुर्तीला रहना चाहिए।

Leave a Comment

Recent Posts

कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर अपने बयानों और राजनीतिक गतिविधियों के कारण चर्चा के केंद्र में हैं।

शशि थरूर फिर चर्चा में, बयान और राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजर कांग्रेस के वरिष्ठ… Read More

12 hours ago

RUHS CUET 2026 के नतीजे घोषित, उम्मीदवार अब स्कोरकार्ड और मेरिट लिस्ट देखकर एडमिशन प्रक्रिया की तैयारी कर सकते हैं।

RUHS CUET 2026 Result जारी, उम्मीदवारों का इंतजार खत्म राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS)… Read More

12 hours ago

This website uses cookies.