भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक में गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के लिए यू पी आई लेनदेन की सीमा एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है। शक्तिकांत दास ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी के संकेत हैं। लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था निरन्तर मजबूती की ओर बढ रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्तवर्ष की दूसरी तिमाही की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद दर ने सभी भविष्यवाणियों को पीछे छोड दिया है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने छह दशमलव पांच प्रतिशत की रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया है। समिति ने लगातार पांचवीं बार दरों को यथावत बनाए रखा है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज मुम्बई में मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद बताया कि समिति ने एकमत से प्रमुख दरों में बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया है।शक्तिकांत दास ने कहा कि स्टैंडिंग जमा सुविधा दर को छह दशमलव दो पांच प्रतिशत और मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा दर तथा बैंक दर को छह दशमलव सात पांच प्रतिशत रखा गया है।
मुद्रास्फीति में गिरावट को दरों में यथास्थिति बनाये रखने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2023-24 के लिए वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद दर पहले की छह दशमलव पांच प्रतिशत के बजाय सात प्रतिशत प्रस्तावित है। वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर छह दशमलव सात प्रतिशत, दूसरी तिमाही के लिए छह दशमलव पांच प्रतिशत और तीसरी तिमाही के लिए छह दमशलव चार प्रतिशत प्रस्तावित है।
भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा… Read More
भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में… Read More
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More
आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment