नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उन टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘’कोई भी भारतीय क्षेत्र में नहीं घुसा और न ही किसी भारतीय चौकी पर कब्जा किया गया है। इसमें कहा गया है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत किसी भी तरह के बदलाव के प्रयासों का दृढ़ता से जवाब देगा। विपक्ष के हमले का जवाब देते हुए पीएमओ ने कहा है कि पीएम के बयान को लेकर विवाद खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
पीएमओ की यह सफाई राहुल गांधी के आरोप लगाने के बाद आई है जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान को लेकर आरोप लगाया है। शनिवार को सर्वदलीय बैठक के बाद एक ट्वीट के जरिए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने चीनी आक्रामकता के आगे भारतीय क्षेत्र को चीन को सौंप दिया है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि अगर यह भूमि चीन की थी तो हमारे सैनिक क्यों शहीद हुए? वे कहां शहीद हुए?
पीएमओ ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में पीएम ने कहा था कि एलएसी में बदलाव करने के किसी भी प्रयास का भारत दृढ़ता से जवाब देगा। वास्तव में उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि ऐसी चुनौतियों के अतीत की उपेक्षा के विपरीत, भारतीय सेना एलएसी के किसी भी उल्लंघन का मुकाबला निर्णायक रूप से और दृढ़ता से करती है। यह भी स्पष्ट किया गया था कि इस बार, चीनी सेनाएं एलएसी पर बहुत अधिक ताकत के साथ आ गई और उस पर भारतीय प्रतिक्रिया भी उसके अनुरूप रही। एलएसी पर हमारी तरफ स्ट्रक्चर खड़ा करने की चीनी कोशिशें 16 बिहार रेजिमेंट के जवानों ने बहादुरी दिखाते हुए नाकाम कर दी थीं। हमारे जवानों की बहादुरी के चलते हमारी सीमा में चीन की कोई मौजूदगी नहीं है।
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पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह भी जोर देकर कहा कि मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं, कि हमारी सशस्त्र सेना हमारी सीमाओं की रक्षा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सरकार की ओर से कहा गया है कि भारत का क्षेत्र कितना है, यह हमारे नक्शे से स्पष्ट है। सरकार इसकी रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है। सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि सर्वदलीय बैठक में इस पर भी जानकारी दी गई कि पिछले 60 साल में 43000 वर्ग किलोमीटर भूभाग पर कब्जा किया गया है, जिसकी जानकारी देश को है। हम एलएसी पर एकतरफा परिवर्तन नहीं करने देंगे। एलएसी में बदलाव की किसी भी कोशिश का भारत मजबूती से जवाब देगा।
सरकार की ओर से कहा गया है कि ऐसे समय में, जब हमारे बहादुर सैनिक हमारी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनका मनोबल कम करने के लिए अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। हालांकि सर्वदलीय बैठक में प्रमुख भावना राष्ट्रीय संकट के समय सरकार और सशस्त्र बलों के लिए अप्रतिम समर्थन की थी। हमें विश्वास है कि प्रेरित प्रचार से भारतीय लोगों की एकता में कोई कमी नहीं आएगी।
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