पीएम स्वनिधि या पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि के तहत माइक्रो क्रेडिट की सुविधा को रेहड़ी-पटरी वालों के दरवाजे तक पहुंचाने के लिए सरकार ने शुक्रवार को पीएम स्वनिधि मोबाइल ऐप लॉन्च की है. ऐप का लक्ष्य कर्ज देने वाले संस्थानों को यूजर फ्रेंडली डिजिटल इंटरफेस उपलब्ध कराना है जिससे वह रेहड़ी-पटरी वालों की लोन ऐप्लीकेशन की सोर्सिंग और प्रोसेसिंग कर सकें.
1.54 लाख से ज्यादा रेहड़ी-पटरी वालों ने किया अप्लाई
रिपोर्टस के मुताबिक, अब तक 1.54 लाख से ज्यादा रेहड़ी-पटरी वालों ने वर्किंग कैपिटल के लिए अप्लाई किया है जिनमें से 48,000 से ज्यादा आवेदकों को मंजूरी मिल गई है और राशि को अधिकृत कर दिया गया है. सरकार ने कहा कि ऐसा माना जाता है कि मोबाइल ऐप के लॉन्च से स्कीम के क्रियान्वयन की योजना को प्रोत्साहन मिलेगा, जिसके साथ रेहड़ी-पटरी वालों द्वारा माइक्रो क्रेडिट की सुविधा के पेपरलैस डिजिटल एक्सेस का भी प्रचार होगा.
इससे पहले सरकार ने जून के आखिरी हफ्ते में इस योजना को लॉन्च किया था. नए लॉन्च किए गए ऐप में वे सभी समान फीचर्स हैं, जो पीएम स्वनिधि के वेब पोर्टल पर भी मौजूद हैं. वेब पोर्टल और ऐप पर कई फीचर्स मौजूद हैं जिनमें सर्वे डेटा में वेंडर को सर्च किया जा सकता है. इसके साथ आवेदकों का ई-केवाईसी, ऐप्लीकेशंस की प्रोसेसिंग और रियल टाइम मोनेटरिंग शामिल हैं.
किसे मिल सकता है लोन ?
सड़क किनारे ठेले या रेहड़ी-पटरी पर दुकान चलाने वालों को यह कर्ज दिया जाएगा. फल-सब्जी, लॉन्ड्री, सैलून और पान की दुकानें भी इस श्रेणी में शामिल की गई हैं. इन्हें चलाने वाले भी यह लोन ले सकते हैं. माना जा रहा है कि इस योजना से 50 लाख को फायदा होगा. इस विशेष क्रेडिट स्कीम के तहत 24 मार्च, 2020 तक या उससे पहले वेंडिंग करने वाले 50 लाख स्ट्रीट वेंडर्स कर्ज ले सकते हैं.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य… Read More
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार के लीची किसानों की परेशानी को गंभीरता… Read More
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने 7 मई, 2026… Read More
सऊदी अरब ने अपने सैन्य ठिकानों और वायु क्षेत्र तक अमरीकी सेना की पहुंच पर… Read More
अमरीका की एक संघीय अदालत ने राष्ट्रपति ट्रम्प के दस प्रतिशत के नए वैश्विक टैरिफ… Read More
तमिलनाडु में नई सरकार के गठन में देरी से राजनीतिक स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment