राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश के रीवा जिले में एक निजी विद्यालय में शिक्षक और कर्मचारियों द्वारा पांच वर्षीय छात्र के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार के मामले में राज्य सरकार ने पीड़ित को 50,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। आयोग द्वारा जिलाधीश को नोटिस और शर्तानुसार समन भेजे जाने के पश्चात यह सूचित किया गया कि दोषी अटेंडेंट की सेवा समाप्त कर दी गई है और कक्षा शिक्षक को छह माह के लिए निलंबित कर दिया गया है।
ज़िला अधिकारियों से प्राप्त रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि कक्षा शिक्षक ने बच्चे को एक अटेंडेंट के पास भेजा, जिसने उसे अपने गंदे कपड़े खुद धोने और उन्हें ही दोबारा पहनने पर मजबूर किया, जिससे बच्चा बीमार हो गया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 238 और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसकी जांच जारी है।
आयोग ने इस संबंध में 23 जनवरी, 2025 को मामला दर्ज किया था। रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर आयोग ने टिप्पणी की कि स्पष्ट रूप से आरोपी अटेंडेंट और कक्षा शिक्षक ने बल का प्रयोग किया होगा, जिससे बच्चे को पूरी कक्षा के सामने मानसिक और शारीरिक पीड़ा के साथ-साथ अपमान भी सहना पड़़ा।
‘बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009’ की धारा 17 के अंतर्गत किसी भी बच्चे के साथ शारीरिक दंड या मानसिक उत्पीड़न करने की मनाही है।
भारत ने शुरू किया 'ऑपरेशन अमिस्ताद', भूकंप प्रभावित वेनेजुएला को भेजी राहत सामग्री और मेडिकल… Read More
केतन अग्रवाल मर्डर केस में नया मोड़! पिता का दावा- सिया गोयल के परिवार को… Read More
NCERT की कक्षा 9 की नई किताब में बड़ा बदलाव, 'आपातकाल' पर नया अध्याय; प्रस्तावना… Read More
लखनऊ अग्निकांड में 15 की मौत, अवैध इमारत होगी ध्वस्त; यूपी में 48 कोचिंग सेंटर… Read More
ज्यूरिख, स्विट्जरलैंड डिजिटल इंजीनियरिंग कंसल्टिंग में ग्लोबल लीडर और एडेको ग्रुप का हिस्सा, अक्कोडिस की आज जारी… Read More
Iran Live Updates: ट्रंप बोले- ‘अब कोई नौसैनिक नाकाबंदी नहीं’, ईरान ने परमाणु निरीक्षण पर… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment